पन्ना में 51 दिन बाद चिता आंदोलन 15 दिनों के लिए स्थगित, कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा…

पन्ना में विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास से जुड़ी मांगों को लेकर 51 दिनों से चल रहा चिता आंदोलन रविवार, 1 नवंबर को 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया। कलेक्टर हर्ष सिंह आंदोलन स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया।
51वें दिन अलग-अलग तरीकों से जताया विरोध,आंदोलन के 51वें दिन महिलाओं ने चिता सत्याग्रह किया। किसानों ने फांसी के फंदे और युवाओं ने सूली सत्याग्रह के जरिए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। वहीं, अन्य आंदोलनकारियों ने जल और बेड़ी सत्याग्रह किया।
जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने इस आंदोलन के दौरान 28 दिनों तक आमरण अनशन किया। केन-बेतवा लिंक, मझगाय, रूँझ और ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग परियोजनाओं से प्रभावित लोगों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।
15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर शुरू होगा आंदोलन…अमित भटनागर ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपकर की उच्चस्तरीय जांच की मांग…आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं, अपात्र लोगों को किए गए भुगतान की वसूली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में पिछले 35 दिनों से जेल में बंद महिला आदिवासी आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी शामिल है।
#PannaNews #Panna #MadhyaPradeshNews #FarmersProtest #RewanchalRoshni








