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यूपी में युवा अफसर बताएंगे करियर का रास्ता, स्कूलों में हर महीने होगा छात्रों से सीधा संवाद

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 लखनऊ
 युवाओं को सही दिशा देने और उनके भीतर भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ाने के लिए अब जिलों में तैनात युवा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी हर महीने स्कूलों में पहुंचेंगे। वे कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करेंगे और उन्हें करियर, प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और जीवन की चुनौतियों से निपटने के तरीके बताएंगे।

दिल्ली में हाल के दिनों में युवाओं और जेन-जी से जुड़े आंदोलनों के बीच प्रदेश सरकार की इस पहल को विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाकर उन्हें सकारात्मक सोच और रचनात्मक दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं। अब अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने भी जिलाधिकारियों को कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित कराने को कहा है। कार्यक्रम में अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे बातचीत करेंगे और प्रश्नोत्तर के माध्यम से उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे।

लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए किया जाएगा प्रेरित
छात्र करियर चयन, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य की योजनाओं को लेकर अपने सवाल खुलकर पूछ सकेंगे। इससे स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में करियर की वास्तविक तस्वीर समझने का अवसर मिलेगा।

संवाद में जीवन का लक्ष्य तय करने, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और आत्मानुशासन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। अधिकारी यूपीएससी, यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एसएससी, एनडीए, आईआईटी-जेईई, नीट और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में बताएंगे। इसके साथ उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं, वित्तीय साक्षरता और व्यापार प्रबंधन से जुड़े विकल्पों की जानकारी भी दी जाएगी।

साथ ही साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने जैसे विषयों को भी संवाद का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के अनुभवों के जरिये छात्रों को दबाव और असफलता से निपटने तथा लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

जिलाधिकारी अपने जिले के लिए हर महीने कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि युवा अधिकारी इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक माह की पांच तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को पिछले महीने आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसमें विद्यालय का नाम, संवाद में शामिल अधिकारी, चर्चा का विषय और विद्यार्थियों के सुझाव दर्ज किए जाएंगे।

Aditya
Author: Aditya

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