Edition

तीन राज्यों के वन विभाग संयुक्त रूप से करेंगे निगरानी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल

देश में घड़ियाल संरक्षण के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में दुर्लभ जलीय वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर मध्यप्रदेश वन विभाग ने हाई अलर्ट घोषित किया है। अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोहों के फिर से सक्रिय होने की आशंका के बीच चंबल नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कई गुना बढ़ा दी गई है। नियमित गश्त, अवैध मत्स्याखेट पर सख्त कार्रवाई, संदिग्ध मछुआरों की सतत निगरानी और उत्तरप्रदेश-राजस्थान के साथ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजौरा ने राज्य स्तरीय अलर्ट जारी करते हुए सभी संबंधित वन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चंबल अभयारण्य के प्रत्येक संवेदनशील नदी घाट पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा घड़ियाल और संरक्षित कछुओं के शिकार एवं तस्करी की किसी भी कोशिश को प्रारंभिक स्तर पर ही विफल किया जाए। इसके लिए उत्तरप्रदेश और राजस्थान के वन विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर गोपनीय सूचनाओं का आदान-प्रदान, संयुक्त गश्त और समन्वित कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग के अनुसार जुलाई 2025 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी ने चंबल नदी क्षेत्र में घड़ियाल और दुर्लभ कछुओं की तस्करी से जुड़े एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था।

अलर्ट के तहत चंबल अभयारण्य के सभी नदी घाटों पर नियमित और आकस्मिक गश्त की जाएगी। प्रत्येक घाट प्रभारी को मछली पकड़ने वाले व्यक्तियों का पंजी तैयार करने, संदिग्ध गतिविधियों का तत्काल सत्यापन करने तथा घड़ियाल और कछुओं के प्रजनन काल के दौरान संवेदनशील स्थलों पर चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अवैध रूप से मत्स्याखेट करने वालों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

वन विभाग का मानना है कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य न केवल देश में संकटग्रस्त घड़ियालों का सबसे बड़ा प्राकृतिक आवास है, बल्कि कई दुर्लभ कछुआ प्रजातियों और डॉल्फिन सहित समृद्ध जलीय जैव विविधता का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में वन्यजीव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और इस संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए तीन राज्यों के बीच समन्वित निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!