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चंडीगढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल ने की अगवानी

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चंडीगढ़.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को चंडीगढ़ पहुंचे। भले ही वे चंडीगढ़ के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे हों, लेकिन पंजाब विधान सभा और चंडीगढ़ निगम चुनाव से पहले उनके इस दौरे के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

गृहमंत्री शनिवार देर शाम ही चंडीगढ़ पहुंच गए थे और वह रात को पंचकूला में रुके थे। पंचकूला से सुबह करीब 10:20 बजे वह सीधे चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पर वह चंडीगढ़ पुलिस के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस ने परेड के जरिये उन्हें सलामी दी। गृह मंत्री ने पुलिस की विशेष इलेक्ट्रिक कार्ट में बैठकर परेड ग्राउंड में सलामी का जायजा लिया। गृह मंत्री चंडीगढ़ पुलिस को मिले प्रेसिडेंट पुलिस कलर अवॉर्ड सौंपा। पुलिस को मिलने वाले 144 टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

चंडीगढ़ का रिस्पाॅन्स टाइम में पहले स्थान पर लाना लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम देश में दूसरे स्थान पर है। चंडीगढ़ पुलिस का रिस्पाॅन्स टाइम चार मिनट है, जबकि क्यूआरटी का समय करीब 10 मिनट बताया गया। उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीक आधारित व्यवस्था की सराहना की। पुलिस बेड़े में 141 नए वाहन शामिल होने से त्वरित प्रतिक्रिया, गश्त और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी। उन्हें विश्वास है कि नए वाहनों के शामिल होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस अगले वर्ष देश में रिस्पाॅन्स टाइम के मामले में पहला स्थान हासिल करेगी। शाह ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया पुलिस कलर छह दशक की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता का सम्मान है। किसी भी पुलिस बल को यह सम्मान आसानी से नहीं मिलता। इसके लिए जवानों की 15 वर्ष से अधिक की सेवा, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखा जाता है।

आतंकवाद के दौर में भी पुलिस ने दिखाया पराक्रम
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1966 से चंडीगढ़ पुलिस ने शहर की सुरक्षा के लिए लगातार काम करते हुए देश की पुलिस व्यवस्था में अपनी अलग पहचान बनाई है। आतंकवाद के दौर में चंडीगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन पुलिस ने साहस और पराक्रम के साथ चुनौतियों का सामना किया। पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी होने के कारण चंडीगढ़ में दोनों राज्यों से जुड़ी गतिविधियों और सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर ट्राईसिटी में कानून-व्यवस्था संभाली है।

बीट पुलिसिंग मॉडल की देशभर में मिसाल
गृह मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस की बीट पुलिसिंग की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि वह देश में जहां भी जाते हैं, वहां चंडीगढ़ के बीट पुलिसिंग मॉडल का उदाहरण देते हैं। बीट पुलिसिंग ऐप और व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को पासपोर्ट, नौकरी के लिए एनओसी और पुलिस प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं के लिए थानों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। पुलिसिंग का दायित्व केवल अपराध और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवाओं को आसान बनाना भी है।

नशामुक्त पुलिस यूनिट बनेगा चंडीगढ़; 2100 एआई कैमरे लगेंगे
अमित शाह ने कहा कि कहा कि चंडीगढ़ नशा मुक्त पुलिस यूनिट बनेगा। शहर में पहले से करीब 2,130 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। केंद्र सरकार की ओर से चंडीगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस 2,152 अतिरिक्त कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अपराध पर नजर रखने में मदद मिलेगी। शाह ने कहा कि नई न्याय संहिताओं को प्रभावी ढंग से लागू कर चंडीगढ़ पुलिस ने देश के सामने उदाहरण पेश किया है। पुलिस ने करीब 85 प्रतिशत मामलों में दोषसिद्धि हासिल की है और औसतन 140 दिनों में न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपितों को सजा दिलाने में सफलता पाई है। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिताओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो तो देश में न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। 

शहीद जवानों के बलिदान को किया नमन
अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के शहीद अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देना किसी भी जवान और उसके संगठन के लिए गर्व की बात है। उन्होंने एएसआई लालू राम, एएसआई अभिमन्यु चंद्र, इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह और शहीद इंस्पेक्टर जगजीत सिंह सहित पुलिसकर्मियों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कांस्टेबल सुखजीत सिंह, सुखदर्शन और होमगार्ड वॉलंटियर राजेश कुमार के 14 मार्च 2025 को दिए गए बलिदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि छह हजार से अधिक जवानों वाला चंडीगढ़ पुलिस बल क्राइम, ऑपरेशन सेल, सिक्योरिटी विंग और ट्रैफिक पुलिस सहित विभिन्न इकाइयों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलना पूरे पुलिस परिवार के लिए गौरव का अवसर है।

राज्यपाल और डीजीपी ने भी किया संबोधित
कार्यक्रम में अमित शाह से पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने संबोधित किया। डीजीपी ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया जाना हमारे छह दशकों की समर्पित सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। वहीं, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में चंडीगढ़ ने देश में अगुवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इन कानूनों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हुई और प्रधानमंत्री की मौजूदगी में चंडीगढ़ से ही देशभर में इनके प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि नए कानून लागू होने से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है। 

Aditya
Author: Aditya

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