पन्ना में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार निलंबित, बयान को माना गया आचरण नियमों का उल्लंघन…

पन्ना के जल संसाधन विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मीडिया में दिए गए उनके बयान को सरकार ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना है। 30 अक्टूबर को जल संसाधन विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।
दो कर्मचारियों को 45 हजार रुपए लेते पकड़ा था….

मामला ठेकेदार के अंतिम भुगतान के बदले रिश्वत मांगे जाने की शिकायत से जुड़ा है। ग्वालियर के पंजीकृत ठेकेदार गौरव तोमर की शिकायत पर लोकायुक्त सागर की टीम ने कार्रवाई की थी। इस दौरान संभागीय लेखा अधिकारी दीपक सिंह परमार को 15 हजार रुपए और सहायक ग्रेड-2 अरविंद कुमार पाठक को 30 हजार रुपए लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था।
मीडिया में दिया था बयान….कार्रवाई के बाद कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है और उनका कोई तय कमीशन नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि कोई अपनी खुशी से या प्यार से पैसे दे तो वे रख लेते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
भोपाल में रहेगा निलंबन के दौरान मुख्यालय….विभागीय आदेश के अनुसार, अहिरवार का बयान अनुशासनहीनता और गलत आचरण की श्रेणी में माना गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय भोपाल स्थित जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय में निर्धारित किया गया है।
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