Edition

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया मॉडल, बिलासपुर के संस्थान तराश रहे डॉक्टरों से लेकर संस्कृत के विद्वानों तक की प्रतिभा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बिलासपुर
 एक नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य बना, तो विकास के साथ शिक्षा के नए अवसरों की उम्मीदें भी जुड़ी थीं। 26 साल की यात्रा में बिलासपुर ने इन उम्मीदों को आकार देने की दिशा में लंबा सफर तय किया है। विश्वविद्यालयों के विस्तार, आधुनिक प्रयोगशालाओं, छात्रावासों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विकसित हो रहे एजुकेशन हब ने शहर को शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की नींव मजबूत की है।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में नए भवनों और शैक्षणिक सुविधाओं के विकास की योजनाएं इस बदलाव की तस्वीर पेश करती हैं। सीयू में 390.58 करोड़ रुपए, ओपन यूनिवर्सिटी में 34.57 करोड़ रुपए और अटल यूनिवर्सिटी में 8.45 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का उल्लेख पिछली परियोजना रिपोर्टों में किया गया था।

आवासीय जरूरतों को बेहतर बनाना है
इन निवेशों का उद्देश्य पढ़ाई, शोध, डिजिटल शिक्षा और विद्यार्थियों की आवासीय जरूरतों को बेहतर बनाना है। केंद्रीय विवि में 26.07 करोड़ रुपए का हाईटेक ऑनलाइन परीक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र, 1,000 कंप्यूटर सेटअप, छात्रावास और विभिन्न विभागों के भवनों की योजनाएं उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में अहम कदम हैं। वहीं, मधुबन में अरपा किनारे 13.10 एकड़ में प्रस्तावित एजुकेशन हब बिलासपुर के सपने को नया आयाम देता है।

करीब 120 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 500 सीट का नालंदा परिसर, तीन शैक्षणिक ब्लाक और 174 आवासीय इकाइयों की परिकल्पना की गई है। यहां सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, बैंकिंग और एसएससी की तैयारी के लिए अध्ययन, प्रशिक्षण और आवास की सुविधाएं एक परिसर में जुटाने की योजना है।

सिम्स में डॉक्टर, इंजीनियरिंग कॉलेजों में इंजीनियर, एग्रीकल्चर कॉलेज में कृषि वैज्ञानिक और पाणिनी शोध संस्थान में संस्कृतविद तैयार हो रहे हैं। भातखंडे संगीत विद्यालय के विद्यार्थी संगीत में पहचान बना रहे हैं। केंद्रीय विवि में देशभर से विद्यार्थी आते हैं, जबकि मुक्त विवि में नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच पढ़ने वालों को अवसर देती है। डॉ. सीवी रामन यूनिवर्सिटी और महर्षी यूनिवर्सिटी सहित तकनीकी संस्थान भी इस शैक्षणिक विस्तार में योगदान दे रहे हैं।

पढ़ाई की सीमाएं तोड़ता बिलासपुर
बिलासपुर की शैक्षणिक पहचान केवल विश्वविद्यालयों की इमारतों तक सीमित नहीं है। यहां उच्च शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, कृषि, संस्कृत और संगीत जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में पढ़ाई के अवसर उपलब्ध हैं। सीयू में देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी पहुंचते हैं।

पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी उन लोगों के लिए रास्ता खोलती है, जो नौकरी या पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ शिक्षा जारी रखना चाहते हैं। यह विविधता शहर को अलग-अलग पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी केंद्र बनाती है।

अरपा किनारे तैयारी का नया ठिकाना
मधुबन में प्रस्तावित एजुकेशन हब का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की रोजमर्रा की मुश्किलें कम करना है। 13.10 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में 500 सीट का नालंदा परिसर, तीन शैक्षणिक ब्लाक और 174 आवासीय इकाइयां शामिल हैं।

लाइब्रेरी, वाचन कक्ष, डिजिटल अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। इससे दूसरे शहरों, कस्बों और गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई और रहने के लिए अलग-अलग स्थान तलाशने की जरूरत घट सकती है।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने किया निरीक्षण:मार्च तक काम पूरा करने का लक्ष्य; अतिक्रमण हटाने और बाधाएं दूर करने के निर्देश पन्ना5 घंटे पहले पन्ना जिले में हीरा कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जनकपुर में डायमण्ड पार्क का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर काम की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। 12 हेक्टेयर में बन रहे 126 औद्योगिक प्लॉट करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले डायमण्ड पार्क का निर्माण जून से शुरू हुआ है। इसे आगामी मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने मास्टर प्लान और नक्शे का अवलोकन कर अधिकारियों से पार्क में विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। परियोजना के तहत अलग-अलग आकार के 126 औद्योगिक प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। जनकपुर में निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। जनकपुर में निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनेगा डायमण्ड पार्क में औद्योगिक प्लॉट के साथ सर्वसुविधायुक्त कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं, पहले प्रस्तावित डायमण्ड म्यूजियम अब नए और अधिक उपयुक्त स्थान पर बनाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि निर्माण में आ रही प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने पार्क की जमीन पर कहीं भी अतिक्रमण होने पर उसे शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए कहा गया। रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद डायमण्ड पार्क बनने से पन्ना के हीरा कारोबार को व्यवस्थित मंच मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं…

निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने किया निरीक्षण:मार्च तक काम पूरा करने का लक्ष्य; अतिक्रमण हटाने और बाधाएं दूर करने के निर्देश पन्ना5 घंटे पहले पन्ना जिले में हीरा कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जनकपुर में डायमण्ड पार्क का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर काम की प्रगति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। 12 हेक्टेयर में बन रहे 126 औद्योगिक प्लॉट करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले डायमण्ड पार्क का निर्माण जून से शुरू हुआ है। इसे आगामी मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने मास्टर प्लान और नक्शे का अवलोकन कर अधिकारियों से पार्क में विकसित की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। परियोजना के तहत अलग-अलग आकार के 126 औद्योगिक प्लॉट तैयार किए जा रहे हैं। जनकपुर में निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। जनकपुर में निर्माणाधीन डायमण्ड पार्क का कलेक्टर ने निरीक्षण किया। कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनेगा डायमण्ड पार्क में औद्योगिक प्लॉट के साथ सर्वसुविधायुक्त कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं, पहले प्रस्तावित डायमण्ड म्यूजियम अब नए और अधिक उपयुक्त स्थान पर बनाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि निर्माण में आ रही प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने पार्क की जमीन पर कहीं भी अतिक्रमण होने पर उसे शीघ्र हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा कराने के लिए कहा गया। रोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद डायमण्ड पार्क बनने से पन्ना के हीरा कारोबार को व्यवस्थित मंच मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं…

error: Content is protected !!