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2030 तक बिहार में पलायन रोकने का दावा, बाढ़ और फरक्का बराज पर भी बोले सम्राट चौधरी

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पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी। इससे कोई समझौता नहीं होगा। भले ही इससे बिहार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में राज्य में शराबबंदी, बाढ़, रोजगार, पलायन से लेकर कई राजनीतिक मु्द्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर राज्य में शराबबंदी लागू की थी। इसका सकारात्मक असर हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक आदि के जरिए बाढ़ आती है। हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बनी है। अभी जो बाढ़ की स्थिति बनी है, उसके लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सामुदायिक रसोई चलाकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2030 के पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। 2030 तक पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की बेहतर व्यवस्था हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ 30 सालों से काम कर रहा हूं। वह मेरे पितातुल्य हैं। एक सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का नेता कौन होगा, यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। यह पार्टी का आंतरिक मामला है।

फरक्का बराज से बिहार को नुकसान
मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को नुकसान है। इससे गंगा नदी में गाद जमा हो गयी है। इस कारण बक्सर के पास गंगा की चौड़ाई चार किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का जल संधि पर बिहार की ओर से यह आग्रह है कि हमें पीने, खेती करने और उद्योग के लिए किसी भी समय पानी लेने का अधिकार हो। इसके लिए हमने केंद्र सरकार से बात की है।

Aditya
Author: Aditya

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