चंडीगढ़.
पंजाब विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों को सदन में आने से रोके जाने का मुद्दा उठा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने इस मामले को स्पीकर कुलतार संधवां के सामने उठाते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्यों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से नहीं रोका जाना चाहिए।
इस पर स्पीकर कुलतार संधवां ने स्पष्ट किया-
किसी भी विपक्षी सदस्य को सदन में आने से नहीं रोका जाएगा, बशर्ते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न हुई हो।
सदन के नियम लागू होंगे प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे पर हुई बातचीत में स्पीकर ने कहा कि सदन में वही नियम और कानून लागू होंगे, उनसे बाहर जाकर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित सदस्य को मामले की जांच करने के लिए भी कहा। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि सभी सदस्यों को सदन में आने का अवसर मिलेगा और किसी को भी रोकने का फैसला मनमाने ढंग से नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खेहरा के निलंबन के फैसले का विरोध कर रहे हैं। खेहरा को सात दिन के लिए सदन से निलंबित किए जाने के बाद से ही कांग्रेस इस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। मंगलवार को विधानसभा के अंतिम दिन भी यह मुद्दा गरमाया रहा। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में प्रवेश नहीं दिए जाने को लेकर नारेबाजी की और खेहरा के निलंबन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।









