सतना नदी का जलस्तर बढ़ा, एनीकट ओवरफ्लो; सड़क का बड़ा हिस्सा बहा, पोड़ी-पतौरा मार्ग बंद
तेज बहाव में सड़क क्षतिग्रस्त, कुछ माह पहले बने एनीकट की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल; आवागमन ठप होने से आसपास के गांवों की बढ़ी परेशानी

सतना। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण सतना नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। जिगनहट पुलिया के पास कुछ माह पहले बनाया गया एनीकट पानी के तेज बहाव के कारण ओवरफ्लो हो गया। नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव का असर सड़क पर भी पड़ा है। पानी के दबाव में सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने से पोड़ी-पतौरा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।
तेज बहाव में सड़क का हिस्सा बहा
लगातार बारिश के बाद सतना नदी में पानी बढ़ने से जिगनहट पुलिया के पास बने एनीकट पर पानी ऊपर से बहने लगा। तेज बहाव के कारण सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों को आवागमन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ माह पहले बना था एनीकट
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक जिगनहट पुलिया के पास एनीकट का निर्माण कुछ माह पहले ही कराया गया था। पहली बड़ी बारिश में ही एनीकट के आसपास सड़क के क्षतिग्रस्त होने और पानी के तेज बहाव से हिस्सा बह जाने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण के दौरान जल निकासी और पानी के दबाव को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त तकनीकी व्यवस्था की गई होती तो सड़क को इस तरह नुकसान नहीं पहुंचता। लोगों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर एनीकट और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
पोड़ी-पतौरा मार्ग बंद होने से परेशानी
सड़क का बड़ा हिस्सा बह जाने के कारण पोड़ी-पतौरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। इस मार्ग से आसपास के गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का दौर जारी रहा और नदी का जलस्तर और बढ़ा तो सड़क का कटाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में मार्ग को जल्द सुरक्षित करना जरूरी है।
प्रशासन के सामने सड़क बहाल करने की चुनौती
फिलहाल सतना नदी में पानी का बहाव तेज है। ऐसे में क्षतिग्रस्त हिस्से में तत्काल निर्माण कार्य करना भी चुनौतीपूर्ण है। प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने एक ओर नदी के जलस्तर पर नजर रखने की जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर सड़क को सुरक्षित कर आवागमन बहाल करने की चुनौती बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पानी कम होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़क और एनीकट का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
सतना नदी के बढ़ते जलस्तर और सड़क के बहने से आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि लगातार बारिश होती रही तो नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन से लोगों ने नदी और क्षतिग्रस्त सड़क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने तथा जल्द से जल्द वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है।
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