चित्रकूट में दीपावली से पहले बनेगा पीपा पुल, बाढ़ में बहा 44 साल पुराना हनुमान ब्रिज
पानी उतरने के बाद पिलरों की होगी जांच, सुरक्षित मिले तो पुराने पिलरों पर बनेगा नया स्थायी पुल; तब तक पीपा पुल से आवागमन की तैयारी

सतना/चित्रकूट। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी पर बना 44 साल पुराना हनुमान ब्रिज बाढ़ में बह जाने के बाद आवागमन बहाल करने की कवायद तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग सेतु निगम ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मंदाकिनी नदी पर अस्थाई पीपा पुल (पॉन्टून ब्रिज) बनाने की योजना तैयार की है। इसे दीपावली से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पीपा पुल बनने से स्थानीय लोगों के साथ हनुमान धारा आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सोमवार को भोपाल से पीडब्ल्यूडी सेतु निगम के चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह और रीवा से संभागीय कार्यपालन यंत्री एसपी तिवारी चित्रकूट पहुंचे। अधिकारियों ने बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हनुमान ब्रिज का मौके पर निरीक्षण किया। हालांकि, मंदाकिनी नदी में अभी पानी का जलस्तर अधिक होने के कारण पुल के पिलरों की स्थिति का विस्तृत तकनीकी परीक्षण नहीं किया जा सका।
पानी उतरने के बाद होगी पिलरों की जांच
सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक नदी का पानी कम होने के बाद हनुमान ब्रिज के पिलरों की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी। तकनीकी परीक्षण के बाद ही यह तय होगा कि पुराने पिलरों का इस्तेमाल दोबारा किया जा सकता है या नहीं।
यदि पिलर मजबूत और सुरक्षित पाए जाते हैं तो उन्हीं के ऊपर नए सिरे से कंक्रीट स्लैब डालकर स्थायी पुल तैयार करने की संभावना है। हालांकि स्थायी पुल का निर्माण पूरा होने में करीब आठ महीने या इससे अधिक समय लग सकता है। इस दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए पीपा पुल को वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में तैयार किया जा रहा है।
दीपावली से पहले आवागमन बहाल करने का लक्ष्य
चित्रकूट में दीपावली के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में हनुमान धारा की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन बहाल करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। इसी को देखते हुए पीपा पुल को दीपावली से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
अस्थाई पुल तैयार होने के बाद लोगों को नदी पार करने के लिए वैकल्पिक सुविधा मिल सकेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ धार्मिक पर्यटन के लिए चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी।

भारी वाहनों का बदला गया रूट
बाढ़ के कारण सतना-चित्रकूट मार्ग पर पिंडरा के पास पुल और सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने चित्रकूट जाने वाले भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्ट कर दिया है। रविवार से भारी वाहनों के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
अब भारी वाहन सिंहपुर-कलिंजर मार्ग से होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर जा सकेंगे। वाहन चालकों को नए मार्ग की जानकारी देने के लिए रास्ते में कई स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।
पिंडरा में मरम्मत कार्य शुरू
पिंडरा के पास क्षतिग्रस्त सड़क और पुल की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों की प्राथमिकता फिलहाल बाढ़ से प्रभावित मार्गों को सुरक्षित करना और जहां संभव हो वहां वैकल्पिक आवागमन शुरू करना है।
हनुमान ब्रिज के मामले में भी पहले पानी उतरने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद तकनीकी टीम पिलरों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्थायी पुल के निर्माण को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को मिलेगी राहत
हनुमान धारा चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हनुमान ब्रिज के बह जाने से इस क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में पीपा पुल बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन का प्रयास है कि दीपावली से पहले अस्थाई पुल तैयार कर आवागमन सुचारु किया जाए, जबकि स्थायी पुल के निर्माण के लिए पिलरों की तकनीकी जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।









