सतना में भारी बारिश से मंदाकिनी उफान पर, 36 गांवों में अलर्ट; कई मार्ग बंद

आरोग्यधाम में तेजी से बढ़ा जलस्तर, बस्तियों और दुकानों में घुसा पानी; डेंगरहट-खोड़री पुल धंसा, बिरसिंहपुर-कोटर मार्ग पर आवागमन रोका गया
सतना/चित्रकूट। जिले में सोमवार देर रात से शुरू हुआ भारी बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी उफान पर है और आरोग्यधाम घाट के आसपास पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे 36 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से निचले और तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
आरोग्यधाम में बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे अधिकारी
मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस., पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह और एसडीआरएफ कमांडेंट ने आरोग्यधाम क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जलस्तर की स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट रहने तथा नदी और निचले इलाकों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
खतरे के निशान की ओर बढ़ रही मंदाकिनी
मंगलवार सुबह 6 बजे आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी नदी का जलस्तर 137.15 मीटर दर्ज किया गया। नदी का अधिकतम बाढ़ स्तर (HFL) 139.60 मीटर बताया गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट और निचले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश होने की स्थिति में जलस्तर अचानक और तेजी से बढ़ सकता है।

नदी-नाले उफनाए, घरों और दुकानों में घुसा पानी
भारी बारिश का असर जिले के कई ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में दिखाई दे रहा है। मंदाकिनी के अलावा सेमरावल नदी सहित बिरसिंहपुर, कोटर और कोठी क्षेत्र के नदी-नाले भी उफान पर हैं। बिरसिंहपुर में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया है।
बाढ़ और जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
36 गांवों में प्रशासन का अलर्ट

मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अकाउना, अबेर, इतौर, बर्दाढीह, कोरगंवा, गजिगवां, गौरैया, ढोढी, भटगवां, मैनपुरा, गोलहटा, गढ़वा कला, टेढ़गवां, रजरवार, किचवरया, लौलाछ, खोहर, घटबेलवा, किटहा, पेपखार, मांझीहार, गढ़वा खुर्द, रघुनाथपुर, मढ़ी, सोनवर्षा, खामहा, रामनगर, कंदवा, थथारा, मझीयार कोठार, पिपराछा, वनपरा, पिथेपुर, रेहुता, बरती, बेला और छिबौरा गांवों को अलर्ट पर रखा है।
इन गांवों में रहने वाले लोगों को नदी और नालों के आसपास नहीं जाने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
डेंगरहट-खोड़री मार्ग का पुल धंसा
लगातार बारिश के कारण मझगवां जनपद क्षेत्र में डेंगरहट-खोड़री मार्ग का पुल भी क्षतिग्रस्त होकर धंस गया। सुरक्षा के मद्देनजर इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त पुल के पास नहीं जाने और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
बिरसिंहपुर-कोटर मार्ग पर भी आवागमन बंद
सितावा नदी में तेज उफान के चलते बिरसिंहपुर-कोटर मार्ग पर भी आवागमन रोक दिया गया है। नदी का पानी बढ़ने के कारण मार्ग पर आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई थी। प्रशासन ने लोगों से पानी कम होने तक नदी या जलभराव वाले रास्ते को पार नहीं करने की अपील की है।
आरोग्यधाम की बस्तियों में घुसा पानी
मंदाकिनी नदी का पानी आरोग्यधाम घाट के आसपास की बस्तियों की ओर बढ़ने लगा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी कराई जा रही है।
निचले मकानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा जा रहा है। राहत एवं बचाव दल जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों की ओर भेज रहे हैं।
कामदगिरि परिक्रमा मार्ग भी जलमग्न
भारी बारिश का असर चित्रकूट के प्रसिद्ध कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर भी पड़ा है। परिक्रमा मार्ग में कई स्थानों पर नाले का पानी भर गया है। कुछ हिस्सों में पानी घुटनों तक पहुंच गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से जलभराव वाले हिस्सों से दूर रहने की अपील की गई है।
स्फटिक शिला क्षेत्र में भी मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन द्वारा घाटों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
करीब 500 दुकानों में घुसा पानी
बाढ़ के कारण चित्रकूट क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानदार प्रभावित हुए हैं। अब तक करीब 500 दुकानों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। दुकानदार अपने सामान, फ्रिज और अन्य जरूरी सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर ले जाते नजर आए। जलस्तर बढ़ने से व्यापारियों को नुकसान की चिंता भी बढ़ गई है।
सड़कों पर नाव चलाने की नौबत
कई निचले इलाकों में जलभराव इतना अधिक हो गया है कि सड़कें पानी में डूब गई हैं। कुछ स्थानों पर लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। चित्रकूट तहसील को जोड़ने वाली सड़क के एक हिस्से के बह जाने से तहसील परिसर की ओर जाने वाला आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
एसपी ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रभावित बस्तियों और घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जलस्तर बढ़ने का इंतजार न करें और समय रहते सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में चले जाएं।
पुलिस टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव टीमों को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।
शनिवार की बाढ़ के बाद फिर बढ़ी चिंता
जिले में शनिवार को आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में हालात पूरी तरह सामान्य भी नहीं हुए थे कि बारिश के नए दौर ने एक बार फिर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बारिश के कारण ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और उफनती नदियों, नालों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें। आने वाले समय में बारिश और जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
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