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पंजाब कांग्रेस में एकजुटता पर राहुल गांधी का फोकस, बड़े नेताओं के साथ करेंगे अहम बैठक

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चंडीगढ़.

पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी को सुलझाने की जिम्मेदारी अब राहुल गांधी ने अपने हाथ में ले ली है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को नई दिल्ली में राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ दौरे के दौरान विभिन्न नेताओं के साथ हुई बैठकों की रिपोर्ट हाईकमान के सामने रखी। भूपेश बघेल करीब छह दिन तक चंडीगढ़ में रहे, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक नेताओं के बीच बनी खाई को पाटने में सफलता नहीं मिल सकी। उन्होंने चार दिन वड़िंग समर्थक नेताओं और एक दिन चन्नी समर्थक नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं। शनिवार को कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के चंडीगढ़ स्थित आवास पर हुई बैठक में चन्नी समर्थक नेताओं ने खुलकर राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग उठाई। इस बैठक को चन्नी गुट के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया।

हाईकमान के फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा
इसमें तीन सांसद, नौ विधायक, कई पूर्व विधायक, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित 70 से 80 कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। हालांकि, भूपेश बघेल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हाईकमान के फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा। कांग्रेस नेतृत्व ने 2027 के विधानसभा चुनाव तक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया है।

सूत्रों का कहना है कि अब राहुल गांधी स्वयं मामले को सुलझाने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बातचीत कर सकते हैं। ऐसे में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाई जाएगी और संगठन में किसी प्रकार का बदलाव होगा या नहीं, इस पर सभी की नजरें राहुल गांधी की अगली पहल पर टिकी हुई हैं।

Aditya
Author: Aditya

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