Edition

‘सनातन धर्म और हिंदुत्व अलग-अलग’, दिग्विजय सिंह के बयान से फिर छिड़ा विवाद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

उज्जैन

पूर्व एमपी CM और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने लोगों को हिंदुत्व से दूर रहने की नसीहत दी है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व की तरफ जाने वालों के दिल और दिमाग में नफरत होती है. उन्होंने सनातन धर्म और हिंदुत्व को अलग बताते हुए कहा कि सनातन को हिंदुत्व की तरह पेश किया जा रहा है. अगर इसे सही तरीके से नहीं समझाया गया, तो लोग हिंदुत्व की तरफ चले जाएंगे। 

उज्जैन से अयोध्या तक 1000 किलोमीटर की यात्रा
दिग्विजय सिंह ने यह बयान अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान दिया. दरअसल, दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक करीब 1000 किलोमीटर की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर निकले हैं. यात्रा के पहले पड़ाव के बाद वह अपने गृह नगर राघौगढ़ पहुंचे. यहां उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने यात्रा का स्वागत किया. इसी दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर अपनी बात रखी. जब वह मंच से भाषण दे रहे थे, तब उनका पूरा परिवार भी मंच पर मौजूद था। 

'सनातन का मतलब विश्व को कुटुंब मानना'
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म का मतलब हिंदुत्व बिल्कुल नहीं है. उन्होंने कहा कि, सनातन धर्म को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. इसे हिंदुत्व और नफरत से जोड़कर बताया जा रहा है. सनातन धर्म का असली संदेश पूरे विश्व को एक परिवार मानना है. सनातन धर्म को सही तरीके से लोगों के सामने रखना जरूरी है। 

दिग्विजय सिंह ने बताया कि 80 साल की उम्र में 1000 किलोमीटर की पदयात्रा करने के पीछे उनके दो मुख्य कारण हैं. पहली वजह देश में लोकतंत्र की जगह एकतंत्र को बढ़ावा दिया जाना है. उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों का जिक्र किया. दिग्विजय सिंह ने कहा कि वोट चोरी के जरिए लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा सकता. उन्होंने EVM पर रोक लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। 

राम मंदिर के चंदे का भी उठाया मुद्दा
दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा का दूसरा मकसद सनातन धर्म के नाम पर हिंदुत्व को आगे बढ़ाने का विरोध बताया. उन्होंने 1992 में महंत लालदास की ओर से लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा का विरोध किए जाने का जिक्र किया. उन्होंने राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए 1400 करोड़ रुपये के चंदे का भी मुद्दा उठाया। 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि, जब महंत लालदास ने हिसाब मांगा था, तब 8.29 करोड़ रुपये का हिसाब बताया गया था. सनातन धर्म को हिंदुत्व के नाम पर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!