इमरजेंसी विंडो के नीचे लगी सीट हटवाई, आपातकालीन गेट कराया फ्री,
बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई….
सतना। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने शनिवार को संयुक्त रूप से स्कूल बसों की जांच की। अभियान के दौरान कुल 26 स्कूल बसों की चेकिंग की गई, जिसमें नियमों और सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर कुल 8 बसों के चालान किए गए और 30 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया।
जांच के दौरान एक स्कूल बस में आपातकालीन दरवाजे के नीचे सीट लगी मिली। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र की वैधता समाप्त थी, फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिला, सीट कवर फटे हुए थे और बस सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप तैयार नहीं पाई गई। इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए बस का फिटनेस निरस्त कर दिया गया।
बताया गया कि बोनांजा स्कूल की एक बस में इमरजेंसी विंडो के सामने लगी सीट को खुलवाया गया और गेट को पूरी तरह फ्री कराया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर आपातकाल के समय उसे आसानी से खोला जा सके।
वहीं एक अन्य बस के पास फिटनेस और परमिट नहीं होने पर 15 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। इसके अलावा पांच बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स सहित अन्य कमियां मिलने पर भी कार्रवाई करते हुए 15 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया।
कार्रवाई के दौरान यातायात प्रभारी पूनम रावत, सूबेदार रामदेवी, प्र.आर. चंद्रमणि गुप्ता, आरक्षक सौरभ पांडे, अमरेंद्र तिवारी, शिवशंकर सिंह, रामसुख मिश्रा, मनोज गौतम सहित परिवहन विभाग का अमला मौजूद रहा।
अधिकारियों ने स्कूल बस संचालकों से कहा है कि वाहनों में सभी जरूरी दस्तावेज, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, कैमरा, पैनिक बटन और अन्य सुरक्षा उपकरण निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त रखें।
बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाली बस में छोटी-सी कमी भी बड़ी परेशानी बन सकती है, इसलिए सुरक्षा में समझौते की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।











