Edition

Punjab BJP: तजिंदर सिंह बिट्टू बने प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस की अंदरूनी कलह का फायदा उठाने की तैयारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जालंधर

पंजाब भाजपा ने अपनी नई संगठनात्मक टीम का गठन किया है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अनुभवी नेताओं पर दांव खेल रही है। तजिंदर सिंह बिट्टू को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे भाजपा की दोआबा और जालंधर क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 

भाजपा कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी का लाभ उठाना चाहती है। बिट्टू कांग्रेस की राजनीति से पूरी तरह वाकिफ हैं। वह हर राजनीतिक दांव-पेंच को अच्छी तरह जानते हैं। हालांकि वह पंजाब की राजनीति से किनारा कर दिल्ली चले गए थे, भाजपा ने उन्हें पंजाब वापस भेजा है।  

कांग्रेस में लंबा राजनीतिक सफर
कांग्रेस में रहते हुए बिट्टू प्रियंका गांधी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण चुनावी और संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी थीं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में सचिव रहते हुए उन्होंने रायबरेली जैसे प्रतिष्ठित संसदीय क्षेत्र में चुनावी प्रबंधन संभाला। वर्ष 2021 में उन्हें हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत में उनकी संगठनात्मक रणनीति की अहम भूमिका रही। इस सफलता के बाद कांग्रेस के भीतर उनका कद और बढ़ा था।

जालंधर और दोआबा में प्रभाव
बिट्टू जालंधर के राजिंदर नगर के निवासी हैं और जालंधर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को खड़ा करने में सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2007 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने जालंधर सेंट्रल सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, जहां उन्हें लगभग 29 हजार वोट मिले थे। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में वह पनसप के अध्यक्ष बने। इस पद पर उन्होंने प्रशासनिक और राजनीतिक भूमिका निभाई, जिससे उनका प्रभाव बढ़ा।

भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति
भाजपा में शामिल होने के बाद बिट्टू दोआबा क्षेत्र में संगठन विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा हैं। जालंधर, कपूरथला और होशियारपुर में उनकी पहचान प्रभावशाली सिख नेता और बेहतरीन वक्ता के रूप में है। भाजपा उन्हें ऐसे नेता के रूप में पेश कर रही है जो पारंपरिक भाजपा वोट बैंक से आगे बढ़कर सिख समाज और कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओं तक पार्टी की पहुंच बढ़ा सकते हैं। पंजाब कांग्रेस आंतरिक खींचतान से जूझ रही है, जिससे भाजपा अनुभवी नेताओं को आगे ला रही है। बिट्टू को दोआबा में संगठन विस्तार, कार्यकर्ता सम्मेलन और असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी के उच्चाधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भाजपा में कई बड़े नेताओं की आमद हो सकती है।
  

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!