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मध्य प्रदेश NEET UG काउंसलिंग 2026 शुरू, सरकारी स्कूल छात्रों को 5% आरक्षण; फीस, अपग्रेडेशन और पूरी प्रक्रिया जानें

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भोपाल 
 मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की राज्य कोटा और एनआरआई कोटा सीटों पर प्रवेश के लिए नीट यूजी-2026 काउंसलिंग की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी। सरकारी स्कूलों से कक्षा छठी से 12वीं तक नियमित पढ़ाई करने वाले और आरटीई के तहत निर्धारित शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

ये रहेगी नियमावली

– सैनिक और दिव्यांग वर्ग के लिए भी निर्धारित नियम लागू होंगे।

– काउंसलिंग में पंजीयन के लिए 1100 रुपये का शुल्क देना होगा।

– कॉलेजों की पसंद भरने के बाद 100 रुपये पोर्टल शुल्क देकर च्वाइस लॉक करना अनिवार्य होगा।

– पहले चरण में केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी अभ्यर्थी सीट आवंटन के लिए च्वाइस फिलिंग और लाकिंग कर सकेंगे।

– अभ्यर्थी या अभिभावक का सक्रिय और केवाइसी वाला बचत या चालू बैंक खाता जरूरी होगा।

– जनधन और शून्य शेष वाले खाते मान्य नहीं होंगे। प्रवेश शुल्क के भुगतान के लिए बैंक की दैनिक लेनदेन सीमा बढ़ाने की सलाह दी गई है।

– कॉलेज आवंटित होने के बाद मूल दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित नोडल केंद्र पर कराना होगा। दस्तावेजों में अंतर मिलने पर आवंटन निरस्त किया जा सकता है।

– द्वितीय या माप-अप चरण के लिए अपग्रेडेशन का विकल्प चुनने वालों को तत्काल ग्रामीण सेवा या सीट छोड़ने का बांड नहीं देना होगा, बल्कि 500 रुपये का नोटरीकृत शपथ पत्र देना होगा।

विभाग ने आवेदन नंबर, पासवर्ड, बैंक विवरण और ओटीपी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी है। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए यूडीआइडी कार्ड और निर्धारित केंद्र का पात्रता प्रमाण पत्र जरूरी होगा।

 

Aditya
Author: Aditya

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