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बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त प्रशासन, बिना फिटनेस और परमिट वाले स्कूल वाहनों पर कार्रवाई तेज

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अलवर 
अलवर जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस ने एक महीने का विशेष संयुक्त जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान के पहले ही दिन कई स्कूल वाहनों में नियमों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो स्कूल बसों को जब्त कर लिया और 13 बाल वाहिनियों के चालान बनाए।

मौके पर ही कार्रवाई
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी रवीन्द्र जोशी ने बताया कि अभियान के दौरान जिलेभर में संचालित स्कूल बसों, वैन और अन्य छात्र परिवहन वाहनों की गहन जांच की जा रही है। इसमें वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट, चालक के लाइसेंस, सीट बेल्ट, सुरक्षा मानकों और निर्धारित क्षमता के अनुसार संचालन की जांच की जा रही है। जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई।

पहले दिन की जांच में बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर तीन चालान किए गए। बिना बीमा के एक वाहन, सीट बेल्ट की व्यवस्था नहीं होने पर पांच वाहन, क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर एक वाहन और बिना फिटनेस के एक वाहन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। बिना फिटनेस वाली बस को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

लगातार कार्रवाई जारी रहेगी
इसके अलावा जांच के दौरान एक अन्य स्कूल बस बिना परमिट संचालित होती मिली। यह बस 10 वर्ष से अधिक पुरानी भी थी। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर इस बस को भी जब्त कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वाले स्कूल वाहनों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

अभियान के दौरान जिला परिवहन अधिकारी सविता भारद्वाज, यातायात पुलिस प्रभारी मोहन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक हरीश पाल और मोहम्मद ताहिर सहित परिवहन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील भी की।

गौरतलब है कि हाल ही में अलवर जिले के रैणी क्षेत्र में एक स्कूल टैंपो से गिरकर पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसके बाद प्रशासन ने स्कूल वाहनों की व्यापक जांच कराने का फैसला लिया। अब शुरू हुआ यह विशेष अभियान पूरे जिले में एक महीने तक चलेगा, ताकि बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके और लापरवाही बरतने वालों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।

Aditya
Author: Aditya

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