सतना। सतना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सोलर प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ने के मामले में काव्या सोलर एनर्जी और शांडिल्य पॉवर समाधान प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने दोनों कंपनियों को उपभोक्ता से वसूली गई राशि में से ₹1.33 लाख 315, उस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा दोनों कंपनियों पर ₹5 हजार अर्थदंड और ₹5 हजार परिवाद व्यय भी लगाया गया है।

आयोग के अध्यक्ष श्यामाचरण उपाध्याय तथा सदस्य उमेश गिरि और विद्या पांडेय की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। मामला उपभोक्ता से ₹2.75 लाख लेने के बावजूद सोलर पैनल का इंस्टॉलेशन पूरा नहीं करने से जुड़ा था।

परिवादी निकहत खान, पत्नी इरफान ने 21 दिसंबर 2023 को पहली किश्त के रूप में ₹30 हजार का भुगतान किया था। इसके बाद फाइनेंस के माध्यम से सात अन्य किश्तों में कुल ₹2.75 लाख कंपनी को दिए गए। कंपनी ने मकान की छत पर सोलर सिस्टम का स्ट्रक्चर तो तैयार कर दिया, लेकिन सोलर पैनल नहीं लगाए।
परिवादी ने कई बार कंपनी से संपर्क कर काम पूरा करने की मांग की, लेकिन आश्वासन के बावजूद इंस्टॉलेशन पूरा नहीं किया गया। आखिरकार उन्हें मजबूर होकर दूसरी कंपनी से ₹1.33 लाख 315 खर्च कर सोलर पैनल लगवाने पड़े।
इसके बाद निकहत खान ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि दोनों कंपनियों ने सेवा में स्पष्ट कमी की है। आयोग ने कंपनियों को उपभोक्ता द्वारा दूसरी कंपनी से सोलर पैनल लगवाने में खर्च की गई ₹1.33 लाख 315 की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया। साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक और आर्थिक परेशानी को देखते हुए ₹5 हजार अर्थदंड और ₹5 हजार परिवाद व्यय का भुगतान करने के भी निर्देश दिए…









