सतना। सतना जिला अस्पताल में मंगलवार देर रात एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। शहर से लगे कैमा निवासी 32 वर्षीय दुर्गेश चौधरी की सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ICU बेड नहीं मिलने और इलाज शुरू होने में देरी के कारण उन्होंने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 12 बजे दुर्गेश चौधरी को अचानक सीने में तेज दर्द उठा। हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद वार्ड नंबर-6 में भर्ती करने के निर्देश दिए। परिजनों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ICU में भर्ती करने की मांग की, लेकिन उन्हें बताया गया कि ICU में कोई बेड खाली नहीं है।

आरोप है कि वार्ड नंबर-6 में पहुंचने के बाद भी इलाज शुरू होने में देरी हुई। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स ने करीब 15 मिनट इंतजार करने के लिए कहा। इसी दौरान स्ट्रेचर पर पड़े दुर्गेश की हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।

मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और जिला अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने शव को अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उपचार और ICU बेड मिल जाता, तो दुर्गेश की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। प्रबंधन के अनुसार, रात की ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रावेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया है और मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।









