सतना। जिले के नागौद थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की ने बाल विवाह के बाद करीब दो वर्षों तक दैहिक शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया, जिसके बाद उसने संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

पीड़िता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के शिवरामपुर निवासी रवि नागर का उसके परिचितों के घर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाए और बाद में अपने साथ ले जाकर एक मंदिर में कथित रूप से विवाह कर लिया।
पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद वह अपने मायके लौट आई थी। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से विवाह की रस्में भी कराई गईं। उसका आरोप है कि उस समय वह नाबालिग थी, इसके बावजूद उसके साथ वैवाहिक संबंध बनाए गए और लंबे समय तक उसका शोषण किया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी अब दूसरी शादी करना चाहता है। इसी कारण उसे प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई, बंधक बनाकर रखा गया और अंततः घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने आरोपी के परिवार के अन्य सदस्यों पर भी इस पूरे मामले में सहयोग करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने महिला एवं बाल विकास विभाग की उचेहरा परियोजना अधिकारी को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विभाग ने शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह आरोप पीड़िता की शिकायत पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।








