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भागलपुर में 1800 करोड़ की एलिवेटेड पथ परियोजना, डीपीआर बनाने का काम शुरू

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भागलपुर
 भागलपुर शहर की वर्षों पुरानी जाम समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।

बिहार सरकार ने प्रस्तावित एलिवेटेड पथ परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट (फिजिबिलिटी रिपोर्ट) तैयार कर ली है और अब विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

यह जानकारी बिहार विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने विधायक रोहित पांडेय के गैर-सरकारी संकल्प के जवाब में दी।

सरकार के अनुसार प्रस्तावित एलिवेटेड पथ जीरो माइल से तिलकामांझी चौक, घंटाघर चौक, स्टेशन चौक, तातारपुर और टीएनबी कॉलेज होते हुए चंपानदी तक बनाया जाएगा।

फिजिबिलिटी रिपोर्ट में इसकी अनुमानित लागत करीब 1800 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीपीआर तैयार होने के बाद संसाधनों की उपलब्धता और सरकार की प्राथमिकता के आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

विधायक रोहित पांडेय ने इसे भागलपुर के लिए ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि शहर लगातार बढ़ती आबादी, वाहनों की संख्या में तेजी और सीमित सड़क नेटवर्क के कारण गंभीर जाम की समस्या से जूझ रहा है।

प्रतिदिन प्रमुख चौक-चौराहों पर घंटों जाम लगने से आम लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

उन्होंने बताया कि भागलपुर की जाम समस्या के समाधान के लिए उन्होंने बिहार विधानसभा के बजट सत्र में गैर-सरकारी संकल्प के माध्यम से एलिवेटेड फ्लाईओवर और एलिवेटेड पथ निर्माण की मांग उठाई थी।

इसके अलावा नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर भी इस परियोजना को मंजूरी देने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल का भरोसा दिया था।

रोहित पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर डीपीआर निर्माण की प्रक्रिया शुरू करना इस परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है।

जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद
उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य मंत्रिपरिषद से जल्द प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा और शहर को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एलिवेटेड पथ केवल यातायात सुविधा का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भागलपुर के भविष्य के विकास की आधारशिला है। इसके बनने से शहर में यातायात सुगम होगा, यात्रा का समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

विधायक ने यह भी कहा कि सबौर से मुंगेर तक प्रस्तावित गंगा पथ (मरीन ड्राइव) परियोजना पर भी काम शुरू हो चुका है। आने वाले वर्षों में मरीन ड्राइव और एलिवेटेड पथ दोनों परियोजनाएं मिलकर भागलपुर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देंगी।

इससे जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार जताते हुए परियोजना को शीघ्र कैबिनेट मंजूरी देने की मांग की।

Aditya
Author: Aditya

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