40 साल पुरानी कॉलोनी में दुकानों पर ताले लगने से रोजी-रोटी का संकट, लीज बहाल करने और कॉलोनी को फ्री-होल्ड करने की मांग…..
सतना। शहर की करीब 40 साल पुरानी भरहुत नगर कॉलोनी में हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई का विरोध तेज हो गया है। दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई के बाद रहवासी सड़क पर उतर आए और रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि वर्षों से घरों के साथ संचालित हो रही दुकानों, मेडिकल स्टोर, क्लीनिक और छोटे कारोबार पर कार्रवाई से कई परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है।
रहवासियों के मुताबिक, हाउसिंग बोर्ड ने कॉलोनी के निर्माण के दौरान व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अलग से पर्याप्त व्यवस्था नहीं की। ऐसे में मुख्य सड़क के आसपास लोग लंबे समय से छोटे कारोबार संचालित कर परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। अब कार्रवाई के बाद कई दुकानों पर ताले लग गए हैं। हाउसिंग बोर्ड द्वारा छह लीज निरस्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रहवासियों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों की समस्याओं और वर्षों से चली आ रही व्यवस्था पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। कुछ दुकानदारों ने कार्रवाई की आशंका के चलते अपनी दुकानों के सामने ईंटों की जुड़ाई कर रास्ता बंद करना शुरू कर दिया है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग करते हुए निरस्त लीज बहाल करने और भरहुत नगर को फ्री-होल्ड करने की मांग उठाई। रहवासियों का कहना है कि अचानक कार्रवाई के बजाय शासन और हाउसिंग बोर्ड को स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालना चाहिए।
रहवासियों का आरोप है कि हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री ने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले लीज निरस्तीकरण की कार्रवाई की, हालांकि इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। वहीं….
कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने भी कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। फिलहाल हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के विरोध में शंभूचरण दुबे के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।