सतना। जिले के नागौद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमा में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पंचायत भवन के पीछे भरे पानी में एक हिरण का शव तैरता हुआ मिला। मृत हिरण का जबड़ा गायब होने से ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रारंभिक तौर पर वन विभाग ने इसे आवारा कुत्तों के हमले का मामला माना है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

जानकारी के अनुसार, ग्राम निवासी डॉ. गीतेश ने पंचायत भवन के पास हरिशंकर लोधी के घर के पीछे पानी में हिरण का शव देखा। उन्होंने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया आशंका है कि हिरण गांव से सटे भाजीखेड़ा के जंगल से रास्ता भटककर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया था। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। कुत्तों से बचने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हिरण पंचायत भवन के पीछे तक पहुंचा, जहां उसकी मौत हो गई।
हिरण का जबड़ा गायब मिलने से शिकार की आशंका भी जताई जा रही है, लेकिन वन विभाग का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हिरण की मौत कुत्तों के हमले से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
फिलहाल वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।









