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डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

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डिंडौरी: युवाओं ने पकड़ी 3 पेटी अवैध शराब, आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल!

समनापुर में सरेराह हो रहा था शराब का परिवहन, युवाओं ने दिखाई हिम्मत तो तस्कर ने दी धमकी

शराब तो पकड़ी गई पर वाहन गायब! पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने दी गलत जानकारी, थाना प्रभारी ने ही कहा – गलत बोल रहा है

डिंडौरी
समनापुर विकासखंड मुख्यालय में सोमवार को युवाओं ने बड़ी हिम्मत दिखाते हुए सरेराह अवैध शराब परिवहन का भंडाफोड़ किया। लेकिन इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे आशीष सोनवानी और राजेश कुमार यादव बाजार में थे। इसी दौरान ओमप्रकाश गुप्ता नामक व्यक्ति तीन पेटी शराब लेकर बिछिया गांव की तरफ जाता नजर आया।

शक होने पर दोनों युवकों ने उसे रोका और तलाशी ली तो तीन कार्टून में अंग्रेजी और देसी शराब भरी हुई मिली। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।आरोप है कि पकड़े जाने पर तस्कर ओमप्रकाश ने दोनों युवकों को जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन युवक अपनी कार्रवाई पर अड़े रहे।

कितनी शराब पकड़ी गई?
युवकों द्वारा पुलिस को सौंपी गई शराब में,50 पाव प्लेन शराब – कीमत करीब 3,500 रुपये,48 पाव MD रम – कीमत करीब 9,120 रुपये,कुल कीमत – करीब 12,620 रुपये
युवकों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, इसलिए उन्हें खुद ही शराब पकड़कर पुलिस के हवाले करना पड़ रहा है। अब उन्हें ठेकेदार से जुड़े लोगों से धमकियां मिल रही हैं।

पुलिस की भूमिका संदिग्ध! वाहन क्यों नहीं जब्त?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर है।
वाहन गायब:- जब शराब पकड़ी गई तो उसे ले जा रहा वाहन जब्त क्यों नहीं हुआ?

पुलिसकर्मी ने दी गलत जानकारी-: जब इस संबंध में लिखापढ़ी कर रहे पुलिसकर्मी अनिल उसराठे से पूछा गया कि पकड़ी गई शराब कहां है, तो उन्होंने कहा कि शराब डिंडौरी भिजवा दी गई है।
थाना प्रभारी ने ही झूठ पकड़ा-: जब थाना प्रभारी हरिशंकर तिवारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और शराब को डिंडौरी क्यों भेजेंगे? इस तरह थाना प्रभारी ने ही अपने ही स्टाफ की बात को गलत ठहरा दिया।

अब सवाल उठता है कि पुलिसकर्मी अनिल उसराठे ने गलत जानकारी क्यों दी? इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी? क्या शराब तस्करों को बचाने की कोशिश की जा रही है?
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Aditya
Author: Aditya

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