गड्ढों में डूबा शहर, सवालों में महापौर एवं निगम प्रशासन ! स्मार्ट सिटी के दावों की खुली पोल!..
स्थानीय लोगों ने गड्ढे मे महापौर योगेश ताम्रकार की फोटो लगाकर दर्ज कराया प्रतीकात्मक विरोध !……
सतना। बरसात शुरू होते ही सतना शहर की सड़कें एक बार फिर बदहाली की तस्वीर पेश कर रही हैं। हजारों करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजना के बावजूद जगह-जगह बने गहरे गड्ढे आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
हनुमान चौक, जयस्तम चौक, स्टेशन रोड व अन्य जगहों पर सीवर लाइन बिछाने के बाद धंसी सड़क ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि बारिश का पानी भरते ही गड्ढे दिखाई नहीं देते और आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
शहरवासियों का आरोप है कि बरसात से पहले सड़कों की मरम्मत और गड्ढे भरने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और नगर निगम की ओर से स्थायी समाधान नहीं निकल रहा। इसी नाराजगी के बीच स्थानीय लोगों ने गड्ढे मे महापौर योगेश ताम्रकार की फोटो लगाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नागरिकों का कहना है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन पहली ही बारिश में सड़कें धंसने लगीं। व खुली नालियों व सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, शहर के कई इलाकों में सीवर लाइन के बाद किए गए सड़क रिस्टोरेशन की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। वहीं आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जब तक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर पैसा था, या काम और बजट चलता रहा, तब तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच किसी प्रकार का विवाद सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया। अब जब परियोजना लगभग समाप्ति की ओर है, तो आपसी मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का विषय बन रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि उन्हें राजनीति या आपसी खींचतान से कोई सरोकार नहीं, बल्कि सुरक्षित सड़कें, बेहतर निर्माण गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाएं चाहिए। लोगों ने नगर निगम और संबंधित एजेंसियों से तत्काल गड्ढों की मरम्मत, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने की मांग की है।









