सतना। शहर की पेयजल व्यवस्था में लापरवाही और अमृत परियोजना का काम समय पर पूरा नहीं करने पर नगर निगम ने दो ठेकेदार फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है। नगर निगम कमिश्नर डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने अशुद्ध पानी की सप्लाई के मामले में कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया है। वहीं करीब 30 करोड़ रुपए की अमृत परियोजना का काम अधूरा छोड़ने पर जियो मिलर एंड कंपनी का अनुबंध भी खत्म कर दिया गया है।

नगर निगम ने जियो मिलर एंड कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अब शहर के फिल्टर प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम खुद संभालेगा।
गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतों के बाद कृष्णा कंस्ट्रक्शन पर कार्रवाई
कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी को अक्टूबर 2025 में शहर के 18 एमएलडी और 40 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी ने 1 अक्टूबर 2025 से दोनों प्लांट का संचालन शुरू किया था।

इसके बाद शहर के कई इलाकों से गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई की शिकायतें नगर निगम तक पहुंचने लगीं। निगम की ओर से कंपनी को पानी की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए, लेकिन शिकायतों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नगर निगम के अनुसार जांच में सामने आया कि कंपनी के पास पर्याप्त अनुभवी कर्मचारी और जरूरी रसायन उपलब्ध नहीं थे। मशीनरी में खराबी के कारण भी जलापूर्ति प्रभावित हुई। इन कमियों और लापरवाही को देखते हुए 1 अक्टूबर को कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
30 करोड़ के अमृत प्रोजेक्ट में 18 महीने की देरी
अमृत परियोजना के तहत सतना शहर में पाइपलाइन विस्तार और चार उच्चस्तरीय पानी की टंकियों के निर्माण का करीब 30 करोड़ रुपए का काम जियो मिलर एंड कंपनी को दिया गया था।
अनुबंध के अनुसार परियोजना का काम 21 दिसंबर 2023 तक पूरा किया जाना था। कंपनी के अनुरोध पर समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च 2024 कर दी गई। इसके बावजूद करीब 18 महीने अतिरिक्त बीतने के बाद भी परियोजना का काम पूरा नहीं हो सका।
नगर निगम ने परियोजना में कई कमियां दर्ज की हैं। पाइपलाइन बिछाने के बाद कई स्थानों पर सड़कों का ठीक से रेस्टोरेशन नहीं किया गया। पाइपलाइन की टेस्टिंग नहीं हुई और लगाए गए मोटर-पंप भी शुरू नहीं किए गए। इसके अलावा चारों उच्चस्तरीय पानी की टंकियों का निर्माण भी अधूरा बताया गया है।
नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर अनुबंध समाप्त
नगर निगम प्रशासन ने 25 सितंबर को जियो मिलर एंड कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। निगम के मुताबिक निर्धारित समय में कंपनी की ओर से नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।
जांच के दौरान सक्षम स्वीकृति के बिना काम दूसरी फर्म को सौंपने सहित अन्य अनियमितताएं सामने आने की बात भी नगर निगम ने कही है। इसके बाद गुरुवार को जियो मिलर एंड कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
नगर निगम ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अब इस मामले में शासन स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम खुद संभालेगा फिल्टर प्लांट
कृष्णा कंस्ट्रक्शन का अनुबंध समाप्त होने के बाद शहर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी फिलहाल नगर निगम खुद संभालेगा। निगम का कहना है कि पेयजल की गुणवत्ता और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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