Edition

अधिक आबादी वाले गांव के नाम पर होगी ग्राम पंचायत की पहचान।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
बिहार की सभी ग्राम पंचायतों का गठन या परिसीमन राजस्व ग्राम के अनुसार नये सिरे से होगा। इसके तहत अब जिस गांव की आबादी अधिक होगी, उसके नाम से ही पंचायत का नामकरण होगा। प्रखंड को इकाई मान ग्राम पंचायत क्षेत्रों की घोषणा होगी। इतना ही नहीं अब 2011 की जनगणना को आधार मानकर परिसीमन होगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश और पर्यवेक्षण में जिला दंडाधिकारी प्रत्येक प्रखंड में स्थित गांवों के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करेंगे। परिसमीन को लेकर पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने सोमवार को अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही जिला परिषद, पंचायत समिति और वार्ड सदस्य के संबंध में भी अलग-अलग अधिसूचना जारी की गई है।

ग्राम पंचायत क्षेत्र का निर्धारण प्रखंड के उत्तर-पश्चिम से प्रारंभ होकर दक्षिण-पूर्व में समाप्त होगा। किसी गांव को विभाजित नहीं किया जायेगा, जब तक कि उसमें दो या उससे अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करना आवश्यक नहीं हो। एक से अधिक गांवों वाले घोषित ग्राम पंचायत क्षेत्रों का मुख्यालय अधिक जनसंख्या वाले गांव में होगा, लेकिन उस क्षेत्र में एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों की संख्या कुल जनसंख्या का 50 प्रतिशत से होगा, तो मुख्यालय उस गांव में होगा जिसमें एससी, एसटी और पिछड़े वर्गों की संख्या का अनुपात सबसे अधिक होगा।

सड़क, रेल लाइन और सार्वजनिक स्थान सीमा माने जाएंगे
ग्राम पंचायत क्षेत्र का नाम उस गांव के नाम से घोषित किया जायेगा, जिस गांव में ग्राम पंचायत का मुख्यालय होगा। लेकिन जहां एक गांव में एक से अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र घोषित करना आवश्यक होगा, वहां संबंधित क्षेत्र की स्थिति की दिशा के साथ उसी ग्राम के नाम से घोषित किया जायेगा। पंचायत क्षेत्र की सीमा प्राकृतिक होगी। इसके अतिरिक्त सड़क, रेलवे लाइन और अन्य सार्वजनिक संस्थान, जिससे स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकने वाले स्थान को भी सीमा माना जा सकता है।

प्रमंडीय आयुक्त करेंगे निगरानी
जिला स्तर पर किये जा रहे ग्राम पंचायत क्षेत्रों के परिसीमन की निगरानी प्रमंडलीय आयुक्त करेंगे। इसमें राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र के निर्धारण के प्रारूप में ग्राम पंचायत, संबंधित प्रखंड कार्यालय और जिला दंडाधिकारी के कार्यालय के सूचना पट पर चिपका कर प्रकाशित किया जायेगा। प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के अंदर प्राप्त सुझाव या आपत्ति पर विचार कर जिला दंडाधिकारी ग्राम पंचायत क्षेत्र का निर्धारित करेंगे। इसका जिला गजट प्रकाशित होगा।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!