सतना। जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र में करंट लगाकर बाघ का शिकार करने तथा उसके नाखून और कैनाइन (नुकीले दांत) निकालने के चर्चित मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी मुद्रा कोल की गिरफ्तारी से पहले ही मौत हो गई। उसकी मौत के बाद बाघ के गायब 14 नाखूनों की बरामदगी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

वन विभाग को उम्मीद थी कि मुद्रा कोल की गिरफ्तारी के बाद बाघ के नाखून और कैनाइन की बरामदगी हो सकेगी। हालांकि उसकी मौत से जांच की सबसे अहम कड़ी टूट गई है। पूछताछ में गिरफ्तार अन्य आरोपियों ने भी बताया था कि बाघ के गायब नाखूनों की पूरी जानकारी केवल मुद्रा कोल के पास थी।

जांच के दौरान सामने आया कि बाघ की मौत के बाद उसके चारों पैर काटकर अलग-अलग स्थानों पर जमीन में गाड़ दिए गए थे। वहीं दो अन्य आरोपियों ने बाघ के कैनाइन निकाल लिए थे। बाद में जब अन्य आरोपियों ने नाखूनों के बारे में पूछा तो मुद्रा कोल ने दावा किया कि जमीन में दबे पैरों को किसी जंगली जानवर ने खोदकर निकाल लिया, जिसके कारण केवल चार नाखून ही बरामद हो सके।
वन विभाग के अनुसार, घटना उजागर होने के बाद से ही मुद्रा कोल फरार था और गंभीर बीमारी से भी जूझ रहा था। उसकी गिरफ्तारी से पहले ही मौत हो गई, जिससे मामले की जांच और भी जटिल हो गई है।
फिलहाल वन विभाग और जांच एजेंसियां इस मामले में शेष साक्ष्यों की तलाश कर रही हैं। बाघ के 14 गायब नाखूनों का रहस्य अब भी बरकरार है और उनकी बरामदगी जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।



