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US Action on Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ समेत सहयोगियों पर लगे गंभीर आरोप

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चंडीगढ़.

पंजाब से जुड़े गैंगस्टर सिंडिकेट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्शन होना शुरू हो गया है। अमेरिका ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवानपुरिया, रोहित गोदारा और उनके सहयोगियों के खिलाफ संगठित अपराध के मामलों में आरोप तय किए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (यूएस डिपार्टमेंट आफ जस्टिस) का दावा है कि यह नेटवर्क भारत से संचालित होकर अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैला हुआ था और मादक पदार्थों की तस्करी, रंगदारी, हथियारों की तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। अमेरिकी जांच एजेंसियों के आरोप पत्र में खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश का भी जिक्र किया गया है। जांच के अनुसार, इस साजिश में लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ की कथित भूमिका सामने आई है। हालांकि आरोपों पर अभी संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारत की जेल में बंद रहने के बावजूद नेटवर्क का संचालन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बंद रहने के बावजूद अपने नेटवर्क का संचालन करता रहा। आरोप है कि उसके निर्देश पर अलग-अलग देशों में मौजूद सहयोगी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे। जांच में गोल्डी बराड़ को उत्तर अमेरिका में नेटवर्क का प्रमुख संचालक, जबकि रोहित गोदारा को यूरोप में सक्रिय मॉड्यूल का जिम्मेदार बताया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने 7 जुलाई को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में एक साथ कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं, कुल 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार करीब 50 स्थानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और कई हथियार भी बरामद किए गए। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली अंतरराष्ट्रीय जांच के बाद की गई है।

पंजाब के लिए कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण?
पंजाब के लिए इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लारेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के नाम राज्य में गैंगवार, रंगदारी और कई चर्चित आपराधिक मामलों से जुड़े रहे हैं।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद इन नेटवर्कों की गतिविधियां भारत के साथ-साथ कनाडा और अमेरिका की जांच एजेंसियों के भी रडार पर आ गई थीं। अब पहली बार अमेरिकी अदालत में आरोप तय होने से इन गैंगस्टर सिंडिकेट के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई तेज होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से पंजाब से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, भारत समेत कई देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ने से ऐसे संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ आगे भी संयुक्त कार्रवाई की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

Aditya
Author: Aditya

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