सरकारी ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होने से मचा बवाल, ग्रुप एडमिन इंजीनियर दीपक बागरी की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में…….
सतना। सतना नगर निगम एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला जनगणना कार्य के लिए बनाए गए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का है, जहां बुधवार रात लगभग 8:55 बजे एक मोबाइल नंबर से कथित तौर पर अश्लील वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्यों और प्रशासनिक समन्वय के लिए बनाए गए ग्रुप में इस तरह की सामग्री पहुंचने से नगर निगम की डिजिटल अनुशासन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रुप का एडमिन जोन क्रमांक-1 के इंजीनियर दीपक बागरी हैं, जबकि वीडियो पोस्ट करने वाले सदस्य के रूप में चंद्रभान नाम सामने आ रहा है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो जानबूझकर पोस्ट किए गए या किसी तकनीकी अथवा व्यक्तिगत लापरवाही का परिणाम थे। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के बाद सबसे अधिक सवाल ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी को लेकर उठ रहे हैं। सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन करने वाले एडमिन की जिम्मेदारी केवल सदस्य जोड़ना ही नहीं, बल्कि अनुचित सामग्री पर तत्काल कार्रवाई करना, उसे हटाना और आवश्यक होने पर संबंधित सदस्य के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देना भी होती है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि आखिर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होने तक निगरानी व्यवस्था कहां थी और तत्काल क्या कदम उठाए गए।
अब कर्मचारियों और नागरिकों की निगाहें नगर निगम आयुक्त एवं वरिष्ठ अधिकारियों पर हैं। यदि जांच में किसी कर्मचारी या ग्रुप संचालन में लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक माना जा रहा है। सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासनिक कार्यों के लिए बनाए जाते हैं और उनकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी तथा ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी है। यह घटना केवल एक कर्मचारी की नहीं, बल्कि सरकारी डिजिटल अनुशासन और जवाबदेही की भी परीक्षा बन गई है…