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सतना के नेताओं का घटता राजनीतिक कद? प्रदेश भाजपा की सूची ने खड़े कर दिए बड़े सवाल…….

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जिले की राजनीतिक ताकत पर उठे बड़े सवाल…

106 सदस्यीय सूची में सतना से केवल एक कार्यकारिणी सदस्य, रीवा को मिला व्यापक प्रतिनिधित्व; कार्यकर्ताओं में चर्चा तेज……….

सतना। भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने के बाद विंध्य की राजनीति में एक नया राजनीतिक विमर्श शुरू हो गया है। 106 सदस्यीय कार्यकारिणी में सतना जिले से केवल गणेश सिंह को कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश संगठन में सतना की राजनीतिक हैसियत पहले जैसी नहीं रह गई है?

सूची पर नजर डालें तो पड़ोसी रीवा जिले को संगठन में कहीं अधिक प्रतिनिधित्व मिला है। राजेंद्र शुक्ल, ममता गुप्ता, गौरव तिवारी और मनीषा पाठक सहित कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। वहीं मऊगंज जिले से भी दो नेताओं को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। इसके विपरीत सतना और मैहर का प्रतिनिधित्व बेहद सीमित दिखाई देता है।

सबसे अधिक चर्चा केपी त्रिपाठी को कार्यकारिणी सदस्य बनाए जाने को लेकर हो रही है। चुनाव हारने के बावजूद उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि किसी भी आरोप या विवाद पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक अथवा सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर ही निर्भर करता है।

प्रदेश नेतृत्व ने नागेंद्र सिंह को स्थायी आमंत्रित सदस्य तथा नरेंद्र त्रिपाठी और विरोध यादव को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आमंत्रित सदस्य और कार्यकारिणी सदस्य की संगठनात्मक भूमिका एवं प्रभाव में स्पष्ट अंतर होता है।

भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहले प्रदेश कार्यकारिणी में सतना से तीन-चार नेताओं को स्थान मिलना सामान्य बात थी। इस बार मैहर जिले को एक भी कार्यकारिणी सदस्य नहीं मिलने से स्थानीय कार्यकर्ताओं में निराशा देखी जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सतना के जनप्रतिनिधि और संगठन के वरिष्ठ नेता प्रदेश स्तर पर जिले की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में सफल रहे? यदि नहीं, तो आने वाले समय में उन्हें केवल चुनाव जीतने ही नहीं, बल्कि संगठन में भी सतना की प्रभावी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की चुनौती का सामना करना होगा। राजनीति में सम्मान पद से नहीं, बल्कि प्रभाव और प्रतिनिधित्व से भी मापा जाता है, और इस बार की सूची ने सतना के सामने उपलब्धियों से अधिक सवाल खड़े कर दिए हैं….!

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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