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हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बनी आलीशान इमारत पर उठे गंभीर सवाल! नियमों की अनदेखी या अधिकारियों की मिलीभगत?………

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सतना शहर के विंध्य क्लब के सामने कोठी रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड की रहवासी जमीन पर निर्मित एक आलीशान बहुमंजिला इमारत इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि रेजिडेंशियल उपयोग की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कराया गया है, जहां नीचे दुकानें बनाई गई हैं जबकि ऊपरी फ्लोर बैंक एवं अन्य निजी संस्थानों को किराये पर देने की तैयारी चल रही है! लोगों में इस बात को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मुख्य मार्ग पर इतना बड़ा निर्माण होने के बावजूद संबंधित विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी।

रहवासियों के अनुसार भवन निर्माण में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के कई नियमों की अनदेखी की गई है। भवन के सामने पर्याप्त खुली जगह नहीं छोड़ी गई, न ही हरित क्षेत्र विकसित किया गया। इतना ही नहीं, नाली के ऊपर से ही सीढ़ियां जोड़ दी गई हैं। सबसे बड़ी चिंता पार्किंग व्यवस्था को लेकर जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल दिखावे के लिए अंदर छोटी पार्किंग बनाई गई है, जबकि यदि यहां बैंक या अन्य व्यावसायिक संस्थान संचालित हुए तो मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगेंगी, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी।

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सामान्य नागरिक यदि अपने छोटे मकान का निर्माण भी करते हैं तो नगर निगम की भवन शाखा तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन इस आलीशान इमारत के निर्माण के दौरान किसी प्रकार की सख्ती या कार्रवाई सामने क्यों नहीं आई। इसी बात को लेकर नगर निगम भवन निर्माण शाखा प्रभारी राम हर्ष मिश्रा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं!

स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि राम हर्ष मिश्रा जिलेभर में भवन निर्माण संबंधी मामलों में काफी प्रभाव रखते हैं और निर्माण कार्यों पर उनकी लगातार निगरानी रहती है। कई लोग दावा करते हैं कि मोहल्लों में छोटे निर्माण कार्यों की जानकारी तक उन तक पहुंच जाती है और फिर स्वीकृति एवं कार्रवाई के नाम पर सौदेबाजी की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में इस प्रकार की चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं।

सूत्रों के अनुसार कोठी रोड स्थित इस व्यावसायिक भवन में भी कई बार संबंधित अधिकारियों की आवाजाही देखी गई। इसी कारण अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि निर्माण में नियमों का पालन नहीं हुआ तो समय रहते जांच या रोक लगाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
रहवासियों का कहना है कि जब छोटे निर्माण कार्यों में नियम-कायदों का हवाला देकर नोटिस दिए जाते हैं, तब मुख्य मार्ग पर बने इस विशाल भवन को लेकर विभागीय सख्ती क्यों नहीं दिखाई गई।

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का दावा है कि भवन निर्माण के लिए वहां से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। यदि यह सही है तो फिर बिना स्वीकृति के इतना बड़ा निर्माण कैसे होता रहा और किसी स्तर पर आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई। वहीं हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर व्यावसायिक उपयोग को लेकर भी कानूनी स्थिति पर चर्चा तेज है।

इस मामले में नगर निगम की भवन शाखा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और हाउसिंग बोर्ड, तीनों विभागों की भूमिका पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं भवन मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में मुख्य मार्गों पर बिना पर्याप्त पार्किंग और अनुमति के इस प्रकार के निर्माण पर रोक लग सके, वहीं यदि जल्द जांच कर उचित कार्यवाही नहीं की गई तो इसकी शिकायत जिले एवं प्रदेश मे वरिष्ठ अधिकारियों से की जाएगी……

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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