पन्ना में 46वें दिन तेज हुआ चिता आंदोलन, दिव्या अहिरवार ने जमानत लेने से किया इनकार; विस्थापितों के पुनर्वास की मांग..

पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित रुंझ और मझगायें परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के विस्थापन, मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा चिता आंदोलन 46वें दिन तेज हो गया। मंगलवार को पूर्व राज्यसभा सांसद वृंदा करात ने जिला जेल में बंद महिला नेत्री दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। वहीं, 28 दिन का आमरण अनशन समाप्त करने के बाद अमित भटनागर भी आंदोलन में सक्रिय हो गए हैं।

दिव्या अहिरवार ने जमानत लेने से किया इनकार….वृंदा करात के मुताबिक, जेल में मुलाकात के दौरान दिव्या अहिरवार ने जमानत नहीं लेने और जेल से ही संघर्ष जारी रखने की बात कही। दिव्या ने अपनी गिरफ्तारी, पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना और मेडिकल परीक्षण नहीं कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
अमित भटनागर की वापसी से आंदोलन को मिली गति….अमित भटनागर ने 28 दिन का आमरण अनशन समाप्त किया था। इसके बाद 24 अक्टूबर को आयोजित ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ रैली के बाद आंदोलन में लोगों की भागीदारी बढ़ने की बात सामने आई है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल भी पन्ना पहुंच चुके हैं।
आठ विस्थापित गांवों के परिवारों ने बताईं समस्याएं….आंदोलन के 46वें दिन पन्ना में आक्रोश रैली निकाली गई। इसके बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित आठ गांवों के परिवारों की ‘खटिया चौपाल’ आयोजित की गई, जिसमें वृंदा करात और अमित भटनागर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
कलेक्टर और एएसपी को सौंपा ज्ञापन….वृंदा करात और अमित भटनागर ने एएसपी वंदना चौहान तथा पन्ना कलेक्टर हर्ष सिंह से मुलाकात कर विस्थापितों की बेदखली, मुआवजे में कथित गड़बड़ी और आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को लेकर ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए तथा उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।
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