सतना एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। करोड़ों रुपए की लागत से बने एयरपोर्ट में उस समय अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो गई, जब क्षमता से तीन गुना अधिक लोगों की मौजूदगी के कारण वेटिंग हॉल का सेंट्रल एसी सिस्टम ठप पड़ गया। हालात ऐसे बने कि एयरपोर्ट प्रबंधन को तत्काल चार जंबो कूलर लगाकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल में करीब 50 लोगों के बैठने की क्षमता है, लेकिन मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए लगभग 150 लोग पहुंच गए। बाहर 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और अंदर अत्यधिक भीड़ के कारण सेंट्रल एसी बार-बार ट्रिप होने लगा। कुछ देर बाद कूलिंग पूरी तरह बंद हो गई, जिससे हॉल के अंदर उमस और गर्मी बढ़ गई। वीआईपी दौरे के दौरान इस तरह की स्थिति ने एयरपोर्ट की तैयारियों और क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए।
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि लगभग 31 करोड़ रुपए की लागत से तैयार सतना एयरपोर्ट अब तक पूरी तरह सक्षम क्यों नहीं बन पाया। स्थिति यह है कि यहां छोटे 6 सीटर विमान तक नहीं उतर पा रहे हैं। यही कारण रहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भोपाल से रीवा विमान द्वारा पहुंचने के बाद हेलीकॉप्टर से सतना आना पड़ा।
पिछले वर्ष 31 मई को ऑनलाइन लोकार्पण के समय एयरपोर्ट को क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया गया था, लेकिन मौजूदा हालात उन दावों की हकीकत उजागर करते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वीआईपी दौरे में ही व्यवस्थाएं चरमरा जाएं, तो आम दिनों में एयरपोर्ट की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।









