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रीवा में प्याज ₹80 किलो, अदरक-लहसुन के दाम भी आसमान पर; महंगी सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट..

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रीवा में प्याज ₹80 किलो, अदरक-लहसुन के दाम भी आसमान पर; महंगी सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट…

पुरानी प्याज के सहारे चल रहा बाजार, सीमित आवक से बढ़े भाव; कारोबारियों को दिसंबर के अंत तक राहत की उम्मीद

रीवा। रीवा में सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है। प्याज, अदरक और लहसुन के साथ कई हरी सब्जियां भी महंगे दामों पर बिक रही हैं। स्थानीय मंडियों में पर्याप्त आवक नहीं होने के कारण दूसरे शहरों और राज्यों से सब्जियां मंगानी पड़ रही हैं। मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से बाजार में कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

प्याज, अदरक और लहसुन के भाव सबसे ज्यादा….स्थानीय सब्जी बाजार में प्याज 70 से 80 रुपये किलो, अदरक 80 से 150 रुपये और लहसुन 120 से 150 रुपये किलो बिक रहा है। रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली इन चीजों की ऊंची कीमतों से उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ गया है।

अन्य सब्जियों के दाम भी कम नहीं हैं। परवल 40 से 50 रुपये, गाजर 30 से 40 रुपये, पालक 40 से 50 रुपये और मेथी 70 से 80 रुपये किलो बिक रही है। टमाटर के भाव 40 से 50 रुपये, गोभी 30 से 35 रुपये, आलू 20 से 25 रुपये, लौकी 35 से 40 रुपये और लाल भाजी 20 से 30 रुपये किलो हैं।

बाहरी मंडियों पर निर्भरता, पुरानी प्याज बिक रही…थोक सब्जी कारोबारियों के मुताबिक, रीवा की स्थानीय मंडियों में फिलहाल सब्जियों की आवक सीमित है। टमाटर की आपूर्ति के लिए बेंगलुरु पर निर्भरता बनी हुई है, जबकि नासिक मंडी से प्याज की नई फसल पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच रही है। ऐसे में बाजार में कोल्ड स्टोरेज में रखी पुरानी प्याज बेची जा रही है।

कुछ सब्जियों के दाम घटे, लेकिन राहत सीमित…कारोबारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह की तुलना में कुछ सब्जियों के भाव में 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आई है। हालांकि, प्याज, अदरक और लहसुन जैसी जरूरी चीजों के महंगे बने रहने से आम उपभोक्ताओं को खास राहत नहीं मिल पाई है।

दिसंबर के अंत तक राहत मिलने की उम्मीद…थोक कारोबारियों का अनुमान है कि प्याज की नई फसल बाजार में पहुंचने में अभी समय लग सकता है। इसके दिसंबर के अंत तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है। नए आलू की आवक भी दिसंबर तक शुरू होने की संभावना है।

फिलहाल स्थानीय आवक और बाहरी मंडियों से आपूर्ति सामान्य होने तक सब्जियों की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है। ऐसे में आम लोगों को रसोई का बजट संभालने के लिए अभी महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ सकती हैं।

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Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

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