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नानाजी देशमुख की 110वीं जयंती पर चित्रकूट में शरदोत्सव का आगाज, लोकसंस्कृति और भक्ति के रंगों से सजा दीनदयाल परिसर….

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पहले दिन डांडिया, घूमर, लोकनृत्य और भजनों ने बांधा समां; शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया खीर का प्रसाद, दूसरे दिन श्रीकृष्ण बाल लीला और भक्ति गायन होंगे प्रमुख आकर्षण..

चित्रकूट। भारत रत्न नानाजी देशमुख की 110वीं जयंती के अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट में तीन दिवसीय शरदोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। दीनदयाल परिसर में आयोजित इस उत्सव में श्रद्धा, भारतीय संस्कृति और लोककलाओं का सुंदर संगम देखने को मिला। संतों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने नानाजी देशमुख के चित्र पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

संस्कृति संचालनालय, मध्यप्रदेश और दीनदयाल शोध संस्थान के सहयोग से आयोजित शरदोत्सव में मध्यप्रदेश की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी तथा उत्तर प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद भी शामिल हुए। आयोजन के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने परिसर को भक्तिमय और उत्सवी माहौल से भर दिया।

लोकनृत्य और भजनों ने मोहा मन…. शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में स्कूली बच्चों ने डांडिया, घूमर, लोकनृत्य और सामूहिक भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक भारतीय संस्कृति और लोककलाओं की झलक ने दर्शकों का मन मोह लिया। टीकमगढ़ के भजन गायक पवन तिवारी ने अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर किया।

वहीं, भोपाल के संगीत बैंड ‘रूट्स: नादात्म’ ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत की धुनों के साथ प्रस्तुत कर कार्यक्रम को नया रंग दिया। संगीत, भक्ति और लोकसंस्कृति के इस संगम का उपस्थित लोगों ने आनंद लिया।

शरद पूर्णिमा पर खीर प्रसाद का वितरण…. शरद पूर्णिमा की चांदनी में आयोजित उत्सव का विशेष आकर्षण खीर का प्रसाद रहा। परिसर में पहुंचे हजारों लोगों ने खीर का प्रसाद ग्रहण किया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को एक साथ आने और उत्सव की खुशियां साझा करने का अवसर दिया।

दूसरे दिन श्रीकृष्ण बाल लीला और भक्ति गायन….. तीन दिवसीय शरदोत्सव के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी। सोमवार को जगन्नाथपुरी की अभिनयना डांस अकादमी की ओर से श्रीकृष्ण बाल लीला की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही अहमदाबाद की भक्ति गायिका आशा वैष्णव अपने भक्ति गायन से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर करेंगी।

चित्रकूट में आयोजित यह शरदोत्सव नानाजी देशमुख की स्मृति को नमन करने के साथ भारतीय संस्कृति, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं को मंच प्रदान कर रहा है। उत्सव के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी श्रद्धालुओं और संस्कृति प्रेमियों में उत्साह बना हुआ है।

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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