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प्रदूषण पर दिल्ली सरकार का प्लान, पार्किंग शुल्क बढ़ेगा; EV पार्किंग फ्री

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नई दिल्ली
दिल्ली में 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को पार्किंग शुल्क से राहत मिलेगी। प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने कई बड़े कदमों की जानकारी दी है। ऑफिस की टाइमिंग में भी बदलाव किया जाएगा। दिल्ली सरकार के मुताबिक, 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। इसका मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ाना है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क फ्री रहेगा।

ऑफिस टाइमिंग में भी होगा बदलाव
प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ऑफिस की टाइमिंग में बदलाव किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे ट्रैफिक और प्रदूषण के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में 588 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। बेड़े में 150 और इलेक्ट्रिक बसें जोड़ने की तैयारी है। सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है।

सरकार ने दिल्ली में 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की है। इनमें से 42 जगहों पर प्रदूषण का स्तर पहले ही नियंत्रण में लाया जा चुका है। बाकी जगहों पर भी काम जारी है।
मंत्री ने बताया कि इन हॉटस्पॉट के 3 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए सभी 11 जिला मजिस्ट्रेटों के कार्यालयों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
हॉटस्पॉट के आसपास आने वाली खास जगहों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इनमें श्मशान घाट, डंपिंग साइट और निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे वाली जगहें शामिल हैं। इन स्थानों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन के साथ काम किया जा रहा है।

'ब्राउन पैच' से धूल रोकने की तैयारी
सड़क किनारे उड़ने वाली मिट्टी और धूल को कम करने के लिए 'ब्राउन पैच' विकसित किए जाएंगे। सरकार जन-भागीदारी अभियान के जरिए हरियाली बढ़ाने पर भी काम करेगी। इसका उद्देश्य सड़क किनारे मौजूद मिट्टी और धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।

दिल्ली में सड़कों की गहरी सफाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योजना के मुताबिक हर दो हफ्ते में सड़कों की डीप क्लीनिंग की जाएगी। इसका मकसद सड़कों पर जमा मिट्टी और धूल को हटाना है।
इस काम के लिए बनाई गई टीमों में हर गाड़ी पर चार लोग होंगे। इनमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और MCD के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दिल्ली पुलिस के साथ भी तालमेल किया जाएगा।

'जीरो बर्निंग' के तहत बनाए जाएंगे हीटिंग स्पॉट
सर्दियों में खुले में जलाने की समस्या से निपटने के लिए 'जीरो बर्निंग' पहल के तहत इस बार 'हीटिंग स्पॉट' बनाए जाएंगे। अस्थायी शेल्टर में हीटिंग की व्यवस्था होगी। लोगों को ठंड से बचाने के लिए शेल्टर के अंदर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।

'नो PUC, नो फ्यूल' मिशन मोड में लागू होगा
सिरसा ने बताया कि दिल्ली में 'नो PUC, नो फ्यूल' को मिशन मोड में लागू किया जाएगा। यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) को लेकर नियमों के पालन पर जोर दिया जाएगा।

सारथी ऐप को मिशन मोड में बढ़ावा
सार्वजनिक वाहनों को प्राथमिकता देने और मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए दिल्ली मेट्रो के सारथी ऐप को मिशन मोड में प्रमोट किया जाएगा। सरकार का फोकस लोगों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने पर है।
3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य
दिल्ली में सड़कों के पुनर्विकास पर भी काम चल रहा है। सरकार के मुताबिक, 2026 में 3,065 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। 20 सितंबर तक 1,193 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है।

प्रदूषण कम करने के लिए कई मोर्चों पर काम
दिल्ली सरकार की रणनीति में पार्किंग शुल्क बढ़ाने, EV को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने, प्रदूषण हॉटस्पॉट पर काम करने, सड़कों की डीप क्लीनिंग, धूल रोकने के लिए हरियाली बढ़ाने और 'नो PUC, नो फ्यूल' को मिशन मोड में लागू करने जैसे कदम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों को तेज गति से लागू किया जा रहा है।

Aditya
Author: Aditya

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