जयपुर
जयपुर में तकनीक और नवाचार का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ देश भर से आए युवा टेक प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी इनोवेशन और डेवलपमेंट की सबसे बड़ी ताकत बनने जा रही हैं। इसी भविष्य की दिशा को तय करने के लिए जयपुर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एलायंस हैकाथॉन' का चौथा संस्करण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस साल इस कार्यक्रम का विशेष 'रोबोटिक्स एडिशन' आयोजित किया गया, जिसने शहर के टेक्नोलॉजी प्रेमियों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।
एलायंस आईटी सॉल्यूशंस, जयपुर द्वारा आयोजित इस बहुप्रतीक्षित हैकाथॉन के पिछले तीन संस्करण क्रमशः 2023, 2024 और 2025 में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इस वर्ष का यह आयोजन तकनीक प्रेमियों के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसमें देश भर से आए युवा प्रतिभागी अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए व्यावहारिक समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए जुटे थे। जयपुर के इस टेक मंच पर युवाओं का यह उत्साह यह साबित कर रहा है कि भारत के युवा आने वाले समय में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री को नेतृत्व देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
24 घंटे का नॉन-स्टॉप चैलेंज, रियल-लाइफ प्रॉब्लम्स का समाधान
इस वर्ष आयोजित किए गए 24 घंटे के नॉन-स्टॉप हैकाथॉन की सबसे बड़ी खूबी इसकी थीम और इसका व्यावहारिक स्वरूप रहा। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं पर आधारित समस्या-विवरणों पर गहन रूप से काम किया।
युवाओं की इन टीमों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, सेंसर्स और आधुनिक ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके ऐसे तकनीकी समाधान विकसित किए जो इंसानी जीवन को और अधिक आसान बना सकें। इन 24 घंटों के भीतर सभी प्रतिभागियों को अपने रोबोटिक प्रोटोटाइप पूरी तरह तैयार करने होते हैं और उनका लाइव प्रदर्शन करना होता है। इस लाइव डेमो में मशीनों की खुद सोचने, निर्णय लेने और जटिल कार्य करने की क्षमता का कड़ा परीक्षण किया जाता है।
एआई से संचालित रोबोटिक्स, विजेता टीम को पुरस्कार
इस बार के आयोजन के बारे में जानकारी देते हुए एलायंस आईटी सॉल्यूशंस की सीईओ मेघा भाटिया ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम "एआई से संचालित रोबोटिक्स के नए समाधान" रखी गई थी। इस थीम का उद्देश्य छात्रों और डेवलपर्स को पारंपरिक कोडिंग से आगे बढ़कर स्मार्ट मशीनों और ऑटोनॉमस सिस्टम्स पर काम करने के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं में इस तकनीकी संस्कृति को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इस साल के चैलेंज में विजेता रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। 24 घंटे की इस कड़ी मेहनत, कोडिंग और रोबोट असेंबली के बाद जब इन प्रोटोटाइप्स ने लाइव परफॉर्म किया, तो यह देखना बेहद दिलचस्प रहा कि कैसे तकनीकी युवाओं ने अपनी मेहनत से इस मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।








