Edition

बिहार में अस्पतालों की OPD होगी पूरी तरह डिजिटल, मरीजों के ऑनलाइन पंजीकरण पर जोर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
 स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि का निर्देश है कि अस्पतालों की ओपीडी में शत प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण हो। आभा आधारित पंजीकरण, ईएचआर निर्माण, ऑनलाइन परामर्श तथा चिकित्सकों की ऑनलाइन उपस्थिति की निरंतर निगरानी होती रहे। आईपीडी में भर्ती सभी मरीजों का भाव्या पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कहा। ये निर्देश उन्होंने बुधवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए।

कहा कि रेफरल व्यवस्था की लगातार निगरानी हो तथा अनावश्यक रेफरल से बचें। अस्पतालों में जच्चा और बच्चा की मृत्यु रोकने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करना होगा। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। आशा कार्यकर्ताओं का चयन लक्ष्य के अनुरूप होना चाहिए।

जिला अस्पतालों को अति-विशिष्ट चिकित्सा केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा हुई। टीबी एवं एनीमिया मुक्त बिहार अभियान पर विशेष जोर दिया गया। बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय आदि बैठक में उपस्थित रहे।

जिला अस्पतालों में सर्जरी में वृद्धि  
जिला अस्पतालों में सर्जरी सेवाओं की समीक्षा के दौरान जून 2026 में 2428, जुलाई में 5650 तथा अगस्त में 8209 सर्जरी किए जाने की जानकारी दी गई। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इसी अवधि में क्रमशः 1000, 1331 एवं 1626 सर्जरी के दावे दर्ज किए गए।

31 अक्टूबर तक हो जाए अस्पतालों की मरम्मत  
विभिन्न अस्पतालों में रंग-रोगन, लघु मरम्मत, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, नर्सिंग डेस्क एवं मरीज सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जा रहे हैं। निर्धारित कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा गया।

36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 332 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में काम चल रहा है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!