मैहर, 8 सितंबर। शासकीय भूमि को लेकर कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने एक अहम आदेश जारी किया है। ग्राम खरमसेड़ा, तहसील अमरपाटन स्थित खसरा क्रमांक 1625 की भूमि में दर्ज विभिन्न निजी स्वामित्व प्रविष्टियों को निरस्त करते हुए भूमि को पुनः मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कार्रवाई प्रकरण क्रमांक 0017/निगरानी/2021-22 में हुई। ग्राम पंचायत खरमसेड़ा की आम जनता की ओर से उक्त भूमि में दर्ज कथित अवैध एवं फर्जी पट्टों को निरस्त करने की मांग की गई थी। मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमरपाटन से विस्तृत जांच कराई गई।
राजस्व अभिलेखों की जांच में सामने आया कि खतौनी वर्ष 1958-59 में खसरा क्रमांक 1625 की कुल 82.320 हेक्टेयर भूमि पहाड़ एवं अकृषि भूमि के रूप में मध्यप्रदेश शासन के खाते में दर्ज थी। वर्ष 1989-90 से 1992-93 और वर्ष 2004-05 के अभिलेखों में भी भूमि शासन के नाम दर्ज पाई गई।

बाद के वर्षों में मूल खसरे के विभिन्न बटांकों में निजी व्यक्तियों के नाम स्वामित्व संबंधी प्रविष्टियां दर्ज हुईं। अभिलेखीय तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी ने इन प्रविष्टियों को विलोपित कर भूमि को पूर्ववत शासन के नाम दर्ज करने के आदेश दिए।
कलेक्टर ने एसडीएम अमरपाटन को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक दुरुस्ती कर संबंधित पक्षों को आदेश की प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की यह कार्रवाई शासकीय भूमि के संरक्षण और राजस्व अभिलेखों को दुरुस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









