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सतना में कुपोषण की चिंताजनक तस्वीर: 2 साल के बच्चे का वजन 5.6 किलो, हालत बिगड़ने पर फिर NRC में भर्ती

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दो साल के बच्चे का वजन सिर्फ 5.6 किलो, दोबारा NRC में भर्ती: चार महीने पहले भी हुआ था इलाज; मां के चले जाने से देखभाल प्रभावित

सतना जिले के आदिवासी बहुल मझगवां क्षेत्र में कुपोषण की गंभीर स्थिति सामने आई है। कानपुर गांव का दो वर्षीय अभिराम मवासी गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से जूझ रहा है। उसका वजन महज 5.6 किलो है। हालत बिगड़ने पर उसे 3 सितंबर को मझगवां के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में दोबारा भर्ती कराया गया है।

अभिराम को इससे पहले अप्रैल 2026 में भी NRC में भर्ती किया गया था। उपचार और पोषण आहार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ था, जिसके बाद उसे घर भेज दिया गया था। हालांकि, कुछ महीनों बाद उसकी स्थिति फिर बिगड़ गई और सितंबर में दोबारा भर्ती कराने की नौबत आ गई।

विभाग के अनुसार, अभिराम की मां उसे छोड़कर चली गई है। इसके चलते बच्चे को नियमित देखभाल और पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा था। NRC में अब उसका उपचार करने के साथ पोषण आहार भी दिया जा रहा है। स्टाफ के मुताबिक उसके वजन में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन स्थिति अभी गंभीर है।

मझगवां BMO डॉ. रूपेश सोनी ने बताया कि अभिराम SAM की श्रेणी में है और उसका वजन 5.6 किलो है। NRC में उसका इलाज और पोषण प्रबंधन किया जा रहा है।

मझगवां क्षेत्र में कुपोषण का यह पहला गंभीर मामला नहीं है। इससे पहले सुरांगी गांव में कुपोषित जुड़वां भाई-बहन मिले थे। उपचार के दौरान सुप्रियाशी की सतना के PICU में मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में सर्वे कर कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराया था।

अभिराम के दोबारा गंभीर कुपोषण की स्थिति में पहुंचने से उपचार के बाद बच्चों की फॉलोअप निगरानी, घर पर मिलने वाले पोषण और पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।#Satna #Majhgawan #Malnutrition #NRC #SAM #MadhyaPradesh #सतना #कुपोषण #मझगवां #रेवांचलरोशनी

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

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