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गौरीघाट में बड़ा हादसा टला, 4 की क्षमता वाली मोटरबोट में सवार थे 8 होमगार्ड जवान

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 जबलपुर
 मध्य प्रदेश में भारी वर्षा से जबलपुर स्थित बरगी बांध के 13 जलद्वार खोले जाने से उफनती नर्मदा नदी के गौरीघाट में शुक्रवार शाम को होमगार्ड की पेट्रोलिंग मोटरबोट पलट गई।

हादसे के समय मोटर बोट में क्षमता से अधिक बचाव दल के सदस्य सवार थे। नर्मदा में दल के सदस्य मोटरबोट से गश्त कर रहे थे, तभी तेज बहाव के कारण नाव अनियंत्रित होकर बहने लगी।

कुछ होमगार्ड जवान तैरकर बाहर आए, जबकि बाकी को मौके पर मौजूद स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने अपनी नावों की मदद से सुरक्षित निकाला। पुलिस ने भी बचाव अभियान चलाकर जवानों को निकाला।

सामने आया है कि मोटरबोट की क्षमता चार से पांच होती है, लेकिन उस पर चालक सहित 12 होमगार्ड जवान सवार थे। जो मोटरबोट पलटी, उसमें बैठने की व्यवस्था नहीं रहती है, फिर भी जवानों को उसमें बैठाकर तेज प्रवाह के बीच ले जाया गया।

मझधार में इंजन खराब होने की बात सामने आई है। इससे गश्ती बोट की तकनीकी फिटनेस और जांच में लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि चालक को छोड़कर बाकी सभी ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी।

बताया जा रहा है कि मोटरबोट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और घाट पर निगरानी के लिए पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान बोट नदी में डूब गई। चालक की लापरवाही की बात भी कही जा रही है।

होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ने मामले की जांच कराने बात कही है। याद आया बरगी डैम हादसागौरीघाट में नाव पलटने की घटना ने जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे की याद दिला दी।

30 अप्रैल की शाम बरगी डैम के क्रूज में सवार 32 में नौ लोगों की मौत हो गई थी। लापता लोगों की तीन दिन तक तलाश चलने के बाद मृतकों की संख्या 13 हो गई थी। शेष को बचा लिया गया था। हादसे की जांच एकल सदस्यीय आयोग कर रहा है।

बरगी बांध के गेट खुलने के बाद पेट्रोलिंग कर रही थी टीम
होमगार्ड कमांडेंट नीरज सिंह ठाकुर ने बताया- बरगी बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर अलर्ट जारी किया गया है। होमगार्ड्स की टीम को ग्वारीघाट पर तैनात किया गया है, लेकिन पेट्रोलिंग के दौरान नर्मदा नदी के बीच में इंजन में खराबी आ गई। सभी जवान ड्यूटी पर थे। लाइफ जैकेट पहने हुए थे। घटना के बाद नाव नदी में डूब गई।

उन्होंने बताया कि यह सही है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि चालक की गलती के कारण हादसा हुआ। इस संबंध में चालक से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव में 10 से 11 लोग सवार थे।

क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे
गौरीघाट थाना प्रभारी के अनुसार, हादसे के समय मोटरबोट को भानु नामक जवान चला रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बोट में करीब 8 जवान सवार थे, जबकि उसकी क्षमता केवल 4 लोगों की थी। यानी बोट में निर्धारित क्षमता से करीब दोगुने जवान सवार थे।

अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए
मोटरबोट की क्षमता से अधिक जवानों के सवार होने की बात सामने आने के बाद होमगार्ड अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि पेट्रोलिंग के दौरान बोट में निर्धारित क्षमता से अधिक जवान कैसे सवार हुए। इंजन खराब होने के बाद सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम मौजूद थे।

 

Aditya
Author: Aditya

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