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गर्ल्स कॉलेज के बाहर गेड़ी मारने वालों पर सख्ती, चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग ने SSP से मांगी रिपोर्ट

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चंडीगढ़.

सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी काॅलेज के बाहर चर्चित ‘गेड़ी रूट’ को लेकर सामने आई सुरक्षा और अव्यवस्था की शिकायत पर पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने सख्ती दिखाई है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

एसएसपी को अगली सुनवाई की तारीख से एक सप्ताह पहले रिपोर्ट आयोग के समक्ष दाखिल करनी होगी। सेक्टर-36ए निवासी कुलबीर सिंह राणा ने आयोग के समक्ष दायर शिकायत में काॅलेज के बाहर, विशेषकर काॅलेज समय समाप्त होने के बाद, यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ अज्ञात वाहन चालक धीमी गति और लापरवाही से वाहन चलाते हैं। इसके अलावा कालेज के बाहर छात्रों के समूहों के जुटने की बात भी कही गई है।

शिकायत में कालेज आने-जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ लोगों की ओर से छात्राओं से कथित छेड़छाड़, व्यंग्यात्मक और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के साथ उनकी बिना अनुमति रिकॉर्डिंग किए जाने जैसी गतिविधियां होती हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि ऐसी गतिविधियां देर रात तक जारी रहने से आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।

छह अगस्त को दो गुटों में हुआ था झगड़ा
शिकायतकर्ता ने छह अगस्त को कालेज गेट के बाहर दो गुटों के बीच हुए कथित झगड़े का भी उल्लेख किया है। शिकायत के अनुसार, घटना के बाद करीब दोपहर 2:35 बजे पीसीआर को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया था। इस घटना को भी कालेज के बाहर सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए शिकायत में पुलिस की नियमित मौजूदगी बढ़ाने की मांग की गई है।

पुलिस बीट कार्यालय और ट्रैफिक जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ वेरका बूथ के पास पुलिस बीट कार्यालय स्थापित करने की मांग की है। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए उचित यातायात जांच बिंदु बनाने का सुझाव भी दिया गया है। आयोग ने मामले में एसएसपी को शिकायत भेजकर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सार्वजनिक स्थान सुरक्षित और व्यवस्थित रहना चाहिए। छात्रों और महिलाओं को यातायात जाम, उत्पीड़न या किसी गैरकानूनी गतिविधि के कारण भय अथवा असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी निवारक कदम उठाना जरूरी है।

Aditya
Author: Aditya

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