Edition

स्नेह, विश्वास और अपनत्व की डोर से मजबूत होते हैं भाई-बहन के रिश्ते : राजेश अग्रवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का पावन पर्व है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सम्मान तथा आपसी विश्वास के रिश्तों को और अधिक मजबूत करने का संदेश देता है। पद्म से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी एवं पंथी गायिका डॉ. उषा बारले ने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल को राखी बांधी और भाई-बहन के स्नेह के इस पवित्र रिश्ते को आत्मीयता के साथ मनाया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि यह भाई-बहन के बीच अटूट स्नेह, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। राखी का यह पवित्र धागा हमें अपने रिश्तों की गरिमा बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत में भी भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को विशेष स्थान प्राप्त है। हमारी संस्कृति पर्व-त्योहारों के माध्यम से समाज को जोड़ने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है। रक्षाबंधन भी इसी आत्मीय परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है।

मंत्री  अग्रवाल ने पद्म डॉ. उषा बारले द्वारा राखी बांधे जाने को आत्मीय क्षण बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को अपनी प्रतिभा से देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली डॉ. उषा बारले का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए विशेष सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह राखी उनके लिए केवल एक पर्व की रस्म नहीं, बल्कि स्नेह, सम्मान और विश्वास की खूबसूरत डोर है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, लोककला, परंपराओं और आपसी भाईचारे से है। हमारी सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

पर्यटन मंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बहनों और भाइयों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। भाई-बहन का स्नेह सदैव बना रहे और परिवारों में खुशियों का संचार हो।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर हम सभी अपने रिश्तों को और मजबूत करने, परिवार एवं समाज में प्रेम और सद्भाव बढ़ाने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!