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सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल को नहीं दी राहत, दो सप्ताह में सरेंडर का आदेश

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नई दिल्ली

तहलका के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है. तेजपाल ने कोर्ट में सरेंडर से छूट देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया. अब उन्हें 22 सितंबर तक सरेंडर कर उसका सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा करना होगा. इसके बाद मामले की अगली सुनवाई तय की जाएगी। 

तेजपाल की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सरेंडर से छूट देने वाली इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन को 31 अगस्त को सूचीबद्ध करने की मांग की थी. उनकी दलील थी कि जब तक इस आवेदन पर सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक तेजपाल को सरेंडर करने से राहत दी जाए। 

दो हफ्ते में तरुण तेजपाल को करना होगा सरेंडर
गोवा सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के नियमों और पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि दोषी को पहले सरेंडर करना होगा. अगर उसने सरेंडर नहीं किया है तो उसकी अपील को तब तक सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता, जब तक उसके साथ सरेंडर से छूट की अर्जी न हो. कोर्ट ने मेहता की दलीलों को स्वीकार करते हुए तेजपाल को दो हफ्ते में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। 

तरुण तेजपाल का क्या है पूरा मामला?
2013 के रेप केस में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था. इसके खिलाफ गोवा सरकार ने अपील की. 6 अगस्त को बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। 

इसके बाद तेजपाल ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और सरेंडर से छूट की मांग की. वहीं, गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है. हालांकि, सरकार ने उनकी दोषसिद्धि को चुनौती नहीं दी है। 

अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद तेजपाल को तय समय में आत्मसमर्पण करना होगा. 22 सितंबर तक सरेंडर सर्टिफिकेट जमा किए जाने के बाद ही मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ होगा। 

Aditya
Author: Aditya

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