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विष्णु के सुशासन में गांव की बेटियां बन रहीं आत्मनिर्भर, बबली यादव ने फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय से बढ़ाई आय

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रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लागू हो रहे विष्णु के सुशासन का लाभ गांव-गांव तक पहुंच रहा है। शासन की योजनाओं और ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत चुकतीपानी की  बबली यादव ऐसी ही मेहनतकश महिला हैं, जिन्होंने विष्णु भैया की सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों को अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता में बदला है।

 बबली यादव जागृति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उन्होंने समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त कर कंप्यूटर खरीदा और अपने घर पर ही फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर संबंधी कार्य शुरू किया। गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। वहीं बबली को नियमित आय का साधन भी मिल गया। एक छोटे से प्रयास ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया।

बबली यादव ने अपनी आय बढ़ाने के लिए खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को भी अपनाया। उन्होंने मशरूम उत्पादन शुरू किया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इसके साथ ही वे पीजी समूह के माध्यम से महुआ खरीदी का कार्य भी कर रही हैं। इस पहल से उन्हें आय का एक और साधन मिला है और स्थानीय स्तर पर ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़े हैं।

 बबली यादव बताती हैं कि फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर कार्य, मशरूम उत्पादन और महुआ खरीदी जैसे विभिन्न कार्यों से उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये तक हो जाती है। इससे वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में सक्षम हुई हैं। उनका कहना है कि पहले जहां आर्थिक जरूरतों के लिए सीमित साधन थे, वहीं अब मेहनत और समूह से मिले सहयोग के कारण उनके पास आय के कई साधन हैं।

बबली यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिला है। शासन की विभिन्न योजनाओं से मिले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उनके भीतर आगे बढ़ने का विश्वास पैदा किया है। वे कहती हैं कि विष्णु भैया की सरकार में गांव की महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने के अवसर भी मिल रहे हैं।

 बबली अपनी सफलता का श्रेय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, स्व-सहायता समूह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को देती हैं। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।

बबली यादव की कहानी इस बात का उदाहरण है कि विष्णु के सुशासन में योजनाओं का लाभ जब मेहनत और संकल्प से जुड़ता है, तो गांव की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगता है। आज बबली स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उनकी सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में हो रहे प्रयासों की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।

Aditya
Author: Aditya

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