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JPSC-JSSC भर्ती में पारदर्शिता की मांग, नेमरा से शुरू होगी ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’

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रांची
जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को अब भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा से नई गति मिलेगी। पिछले करीब 26 दिनों से चल रहे जेपीएससी जेएसएससी-सीजीएल आंदोलन के स्थगन के बाद नए सिरे से पूरे राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के तहत भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा चलाई जाएगी।

यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों के प्रमुख स्थानों पर जाएगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों एवं छात्र समुदाय के बीच जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और भर्ती व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शिता को लेकर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। यात्रा को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम एवं इंटरनेट मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किया गया है।

इसे लेकर छात्र नेता देवेेंद्रनाथ महतो कहते हैं कि 26 वर्षों से झारखंड की भर्ती व्यवस्था में अनियमितता, अपारदर्शिता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली एवं पैरवी से नौकरी पाने जैसी समस्याओं का अंबार लग चुका है।

वर्तमान समय में जेपीएससी एवं जेएसएससी में हो रहे भ्रष्टाचार, पेपर लीक एवं धांधली के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब एक नए रूप में सामने आ सकता है।

शिबू सोरेन के गांव से निकलेगी यात्रा
छात्र नेताओं ने कहा कि 24 अगस्त से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ साथ भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना और भ्रष्टाचार को दूर करने का है।

गत दिनों हुए आंदोलन के बारे देवेंद्र कहते हैं कि इस संघर्ष की शुरुआत 2 जुलाई से, आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से, सत्याग्रह की शुरुआत 25 जुलाई से तथा भूख हड़ताल आंदोलन की शुरुआत 2 अगस्त से की गई।

पूरे राज्य के छात्रों का व्यापक जनसमर्थन मिला और झारखंड सरकार द्वारा 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गई, जिसमें 22 परीक्षाएं रद, 17 परीक्षाओं पर जांच तथा 6 परीक्षाएं स्थगित की गईं।

आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते कहा कि 24 अगस्त से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा

इस अभियान में देवेंद्रनाथ महतो के अलावा राजेश, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित एवं प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधियों का सहयोग रहेगा।देवेंद्र ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के बाद से ही भर्ती व्यवस्था में अनियमितता, अपारदर्शिता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली एवं पैरवी से नौकरी पाने जैसी समस्याओं से यहां के प्रतिभावान युवा त्रस्त रहे हैं।

सभी छात्रनेता भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने, लंबित जांच को स्पष्ट रूप से सामने लाने तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता के साथ कार्रवाई करने की मांग पर एकमत हैं।

सभी छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी योग्य एवं निर्दोष अभ्यर्थी के विरोध में नहीं है। आंदोलन का उद्देश्य केवल भ्रष्ट, अपारदर्शी एवं अनियमित भर्ती व्यवस्था में सुधार कराना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष तरीके से उनका अधिकार मिल सके।

देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई झारखंडी छात्रों की है और इसे आगे भी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

15 सितंबर की सुनवाई में सरकार से उम्मीद
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 15 सितंबर को होने वाली न्यायालय की सुनवाई में सरकार से उम्मीद है कि वह सीआइडी जांच की रिपोर्ट एवं संबंधित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखेगी और अपने निर्णय के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जेपी आंदोलन की तर्ज पर इस संघर्ष को जन आंदोलन से जोड़ा जाएगा तथा सभी 24 जिलों के प्रखंड एवं गांव स्तर तक आमलोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा। अपने हक और अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।

Aditya
Author: Aditya

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