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बड़ा तालाब में कीटनाशक छिड़काव मामला: NGT ने कलेक्टर-नगर निगम से मांगा जवाब

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भोपाल.

शहर के सबसे बड़े पेयजल स्रोत बड़े तालाब में सिंघाड़े की फसल पर खुलेआम कीटनाशकों के छिड़काव और तेजी से फैल रही जलकुंभी के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गंभीरता दिखाई है।

एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने गुरुवार को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने इसे पर्यावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला मानते हुए संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए हैं।

घातक है कीटनाशकों का छिड़काव
एनजीटी के आदेश के अनुसार, बड़े तालाब में करीब 60 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंघाड़े की खेती हो रही है और फसल पर नावों के जरिए पोर्टेबल स्प्रे मशीन से कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही जलकुंभी के तेजी से फैलने की वजह से पानी में घुलित आक्सीजन का स्तर कम होने और बड़ी संख्या में मछलियों के मरने की बात सामने आई है।

जलकुंभी के फैलाव पर हो नियंत्रण
ट्रिब्यूनल ने कहा है कि कीटनाशकों के इस्तेमाल और जलकुंभी के फैलाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो जलीय जीवन के साथ तालाब के पानी की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है। मामले में कलेक्टर, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी, नगर निगम आयुक्त और पर्यावरण विभाग के सचिव को पक्षकार बनाया है।

चार सप्ताह में मांगी रिर्पोट
बेंच ने मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है। साथ ही वास्तविक स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त समिति गठित की है। इसमें वेटलैंड अथारिटी भोपाल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति मौके का निरीक्षण कर छह सप्ताह में तथ्यात्मक और एक्शन टेकन रिपोर्ट एनजीटी में पेश करेगी।अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

Aditya
Author: Aditya

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