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टसर कृमिपालन एवं धागाकरण को बढ़ावा देने 50 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिये जाने के निर्देश

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रायपुर 

सचिव ग्रामोद्योग  राजेश सिंह राणा द्वारा रेशम एवं धागाकरण केन्द्रों का किया गया निरीक्षण

छत्तीसगढ़ शासन, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह संचालक  राजेश सिंह राणा द्वारा आज बस्तर जिलें के ककून बैंक, धागाकरण केन्द्र धरमपुरा, जगदलपुर तथा केन्द्रीय रेशम बोर्ड के रिसर्च सेंटर, धरमपुरा जगदलपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव  राजेश राणा ने कोसा कृमिपालन एवं धागाकरण कार्य का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों एवं हितग्राहियों से कार्य की प्रगति तथा उत्पादन की जानकारी ली। उन्होंने धागाकारकों से धागा उत्पादन, विपणन एवं आय में वृद्धि के संबंध में चर्चा करते हुए उनके द्वारा उत्पादित धागे की गुणवत्ता एवं बिक्री की जानकारी प्राप्त की। 

सचिव ग्रामोद्योग  राजेश सिंह राणा द्वारा रेशम एवं धागाकरण केन्द्रों का किया गया निरीक्षण

    इस अवसर पर महिला समूह की अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि धागाकरण केन्द्र में 43 महिला हितग्राही कार्यरत है। समूह द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप धागे का उत्पादन कर व्यापारियों को विक्रय किया जाता है। व्यापारियों द्वारा रिल्ड यार्न लगभग रूपये 6800 प्रति किग्रा तथा स्पन यार्न 3400-3500 रूपये प्रति किग्रा की दर से क्रय किया जाता है। सचिव  राणा ने ककून बैक का निरीक्षण कर कोसा भण्डारण, उपलब्धता एवं आगामी आवश्कताओं के संबंध में भी जानकारी ली। इसी क्रम में सचिव  राणा ने बस्तर संभाग के सभी जिलों से 25 हितग्राहियों को टसर कृमिपालन प्रशिक्षण तथा 25 हितग्राहियों को धागारण प्रशिक्षण हेतु चयनित कर केन्द्रीय रेशम बोर्ड के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के निर्देश दिये।

सचिव ग्रामोद्योग  राजेश सिंह राणा द्वारा रेशम एवं धागाकरण केन्द्रों का किया गया निरीक्षण

    उन्होने ने सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिलें में भी धागाकरण प्रशिक्षण प्रारंभ करने के निर्देश दिये। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के हितग्राहियों को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिये गये ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ हितग्राहियों की आय में वृद्धि हो सकें। 

    ग्रामोद्योग के सचिव सह संचालक राजेश सिंह राणा द्वारा कांकेर जिलें के बाबूकोहका स्थित ककून बैंक का निरीक्षण किया गया तद्संबंध में टसर तथा मलबरी ककून के मूल्य, टसर धागाकरण तथा बस्तर संभाग में रैली कोसा के आवक संबंधी आवश्यक निर्देश दिये गये। इसी तारतम्य में हितग्राहियांे की आय वृद्धि करने के लिए केन्द्रों में हलदी, गेंदा, पपीता एवं अन्य फलदार पौधे तथा साग-सब्जियां लगाकर अंतर फसल लगाने के निर्देश दिये गये।

Aditya
Author: Aditya

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