Edition

बिहार में फिर बदला मौसम, 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; जानें अपने जिले का हाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
 बिहार में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। राज्य के कई जिलों में बारिश का दौर है। बुधवार को बिहार के करीब 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर यानी कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसी वजह से पूर्वी भारत के कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। बिहार में भी इसका असर दिखाई देगा।

इन जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, सारण और गोपालगंज में तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा बक्सर, भोजपुर, कैमूर, अरवल, रोहतास और औरंगाबाद में भी तेज बारिश हो सकती है। राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य जिलों में आज दिनभर काले बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग ने रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया है। पटना में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर तेज बौछारें भी गिर सकती हैं।

मौसम : 24 घंटे में 15 एमएम हुई बारिश, देर शाम झमाझम से राहत
मुजफ्फरपुर जिले में अभी लगातार बारिश की संभावना नहीं है। मंगलवार को जारी पांच दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले चार दिनों के अंदर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने तथा तेज हवा चलने की संभावना है। इधर, मंगलवार को पिछले 24 घंटे में करीब 15.2 एमएम बारिश दर्ज की गई।

वहीं, अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 12.9 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पुरवा हवा चली। शाम में कुछ देर की बारिश से गर्मी से राहत मिली।

भागलपुर में 23 तक बारिश के आसार
बिहार कृषि विवि (बीएयू) सबौर ने कृषि एडवाइजरी जारी की है। 23 अगस्त तक जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने एवं हल्की बारिश का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26-27 डिग्री रहने की संभावना है। यह जानकारी बीएयू के नोडल अधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार ने दी।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारिक ने किसानों के लिए कहा कि वे धान की सुगन्धित किस्मों की रोपाई प्राथमिकता से करें। धान रोपित खेतों में 10 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से एल्गी कल्चर का प्रयोग करें। खेत में जलजमाव बनाये रखें। जुलाई माह में रोपे गये धान में नत्रजन (यूरिया) का उपरिवेशन करें। धान की रोपाई के 45-50 दिनों बाद यूरिया का दूसरा उपरिवेशन करें। अरहर में आवश्यकतानुसार गैप फिलिंग, छंटाई तथा निकाई-गुड़ाई करते रहना चाहिए।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!